संभल मंडी समिति में धरने पर बैठे भाकियू असली के कार्यकर्ता।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू असली ने पंचायत की। पंचायत के बाद उप जिलाधिकारी और सीओ को ज्ञापन सौंपा। भाकियू की ओर से मंडी समिति में प्रदर्शन किया गया। दोनों संगठनों ने दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन की चर्चा करते हुए तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग की है। इस दौरान पुलिस और पीएसी ने सतर्कता दिखाई। पुलिस क्षेत्राधिकारी और उप जिलाधिकारी पहुंचे।
भाकियू असली के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह और मंडल महासचिव संजीव गांधी के नेतृत्व में मंडी के द्वार पर तिरपाल बिछाकर बैठ गए। पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कानून लाकर किसान विरोधी कदम उठा रही है। किसान इन कानूनों को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। अगर इन कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा। इस मौके पर जयवीर सिंह, गंगा सहाय, ऋषिपाल यादव, मोहम्मद वारिस आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर भाकियू के जिला महासचिव चौधरी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारी मंडी में एकत्र हुए। पदाधिकारियों ने कृृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया है। उनके साथ महीदेव सिंह, सुमित तेवतिया, खजान सिंह, इंद्रपाल सिंह, मनवीर सिंह, नितिन कुमार आदि थे। उप जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह और सीओ अरुण कुमार सिंह ने ज्ञापन स्वीकार किया।
नखासा पुलिस ने किसान नेता को घर में रोकने का किया प्रयास
भारतीय किसान यूनियन ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों के विरोध में मंडी समिति में प्रदर्शन का एलान किया था। नखासा पुलिस ने जिला महासचिव चौधरी वीरेंद्र सिंह को उनके ही घर पर नजरबंद करने का प्रयास किया लेकिन वीरेंद्र सिंह नहीं माने और सिंहपुरसानी पहुंच गए। पुलिस ने घेराबंदी कर कुछ कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोकने का प्रयास किया पर कार्यकर्ता नहीं माने। ब्यूरो