उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमटेड (यूपीपीसीएल) ने चीनी मिलों के 70 करोड़ रुपये दबा लिए हैं। न भुगतान मिल रहा है न ही इस धनराशि पर कोई ब्याज मिल रहा है। इस बीच अचानक चीनी की बिक्री घटी और किसानों के भुगतान पर संकट है। चीनी मिलें किसानों को भुगतान कहां से करें? यह सवाल अहम है।जिले में असमोली और रजपुरा में डीएसएम ग्रुप की चीनी मिलें है।
दोनों मिलों के उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड पर बिजली की बिक्री के 70 करोड़ रुपये बकाया हैं। यदि यह भुगतान मिल जाता है तो चीनी मिलें अपने इस सत्र के गन्ना मूल्य का शत प्रतिशत भुगतान करने में सक्षम हो जाएंगी। भुगतान के लिए मिलों ने पावर कारपोरेशन से बकाया का भुगतान मांगा है। भुगतान दो महीने में मिल जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक नहीं मिल सका। यदि भुगतान में देरी होती है तो मिलों को ब्याज मिलना चाहिए लेकिन ब्याज नहीं मिल रहा है।