आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर रविवार शाम अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत के बाद बवाल हो गया। गुस्साए परिजनों ने बिना बताए शव हटाने पर थाना गेट पर आड़े तिरछे ट्रैक्टर ट्राली खड़े करके जाम लगा दिया। आरोपियों ने थाने पर पथराव भी किया।
आधे घंटे तक वे थाने में मनमानी करते रहे। थाने के फर्नीचर तोड़ डाले और पुलिस कर्मियों को दौड़ा लिया। सहमे पुलिसकर्मी अंदर वाले थाना गेट का चैनल बंद कर भाग निकले। कुछ देर बाद विभिन्न थानों के फोर्स को मौके पर बुला ली गई। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत शुरू की। इस दरम्यान तीन घंटे तक हंगामा होता रहा, देर रात करीब दस बजे जाम खुलवाया जा सका।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के अकबरपुर गांव निवासी जोगेंद्र सिंह यादव का बीस वर्षीय पुत्र सुगड़पाल यादव शाम को अपने भाई के साढ़ूू के यहां बाइक से बदायूं जिले के इस्लामनगर थाने के शंकरपुर गांव जा रहा था। जब वह आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर धनारी थाने के दिनौरा गांव के पास पहुंचा तो किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो सबसे पहले शव को उठाकर बहजोई राजकीय हास्पिटल भिजवा दिया।
इस बीच किसी ने मृतक की पहचान जयरामनगर गांव के युवक के रूप में कर दी तो जयरामनगर के लोगों ने मौके पर जाम लगा दिया। बाद में सही जानकारी होने पर दस मिनट बाद वह जाम खोलकर चले गए लेकिन तभी शाम करीब सात बजे मृतक सुगड़पाल के परिजन व अकबरपुर के सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रालियों से आ गए। उन्होंने उतरते ही धनारी थाना गेट पर हाईवे पर आड़े तिरछे वाहन खड़े करके जाम लगा दिया।
शव को परिजनों के आने से पहले उठाने पर नाराजगी जताते हुए थाने पर हल्ला बोल दिया। ताबड़तोड़ पथराव कर वहां पड़ी कुर्सियों आदि में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों को लाठी डंडे लेकर दौड़ा लिया। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर पुलिस कर्मियों ने थाने के अंदर वाले गेट का चैनल बंद करके पीछे से थाना छोड़कर भागना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पूरा थाना घेर लिया था, करीब आधे घंटे तक आक्रोशित ग्रामीण मनमानी करते रहे।
कई थानों की फोर्स, पीएसी पहुंचे तब संभले हालात ः गुन्नौर, रजपुरा, चंदौसी, बहजोई आदि कई थानों का फोर्स, पीएसी व सीओ गुन्नौर प्रमोद कुमार, सीओ चंदौसी अभिषेक यादव आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे। तो करीब दो घंटे के बाद पुलिस कर्मी दोबारा थाने में लौटे, थाने का चैनल खुला। आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित किया गया।
समझाने बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए। सीओ अभिषेक यादव समेत अन्य पुलिस अफसर लगातार समझाने में लगे रहे। पुलिस अफसरों ने दुर्घटना को अंजाम देने वाले पर कार्रवाई करने, उचित मुआवजा दिलाने आदि का भरोसा दिलाकर रात करीब दस बजे परिजन माने और यातायात को सामान्य बनाया जा सका।