चंदौसी। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बीएसएफ के संयुक्त आपरेशन में हिजबुल कमांडर बुरहान के मारे जाने के बाद उसके समर्थन में शुरू हुए बवाल को देखते हुए रोकी गई अमरनाथ यात्रा में संभल जिले के भी करीब दो सौ यात्री फंसे हुए हैं।
उनके परिजन चिंतित हैं, क्योंकि वहां यात्रियों की बसों पर भी पथराव किया जा रहा है। फिलहाल संभल जिले के सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। अनंतनाग में फंसे यात्रियों को रहने को कमरे नहीं मिल पा रहे हैं, कई यात्री बसों में ही रहने को विवश हैं।
सभी यात्रियों के चेहरों पर खौफ है। वे चिंतित हैं, उन्हें नहीं पता कि कब रास्ता खुलेगा। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, इसलिए चिंतित परिजन फोन पर ही श्रीनगर, अनंत नाग, बालटाल में फंसे अपने यात्री परिजनों का हालचाल पूछ रहे हैं।
अमरनाथ यात्रियों की जुबानी
आतंकी बुरहान के मारे जाने के बाद श्रीनगर में स्थानीय नागरिक अमरनाथ यात्रियों की बसों को निशाना बना रहे हैं। गिलानी के समर्थकों ने हड़ताल कर दी है। श्रीनगर से अनंतनाग तक कर्फ्यू जैसा माहौल है। दोपहिया वाहनों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। अभी हम लोग सोनमर्ग में फंसे हुए हैं। -आशीष राघव, अमरनाथ यात्री रामस्वरूप रोड चंदौसी।
- बालटाल से कुछ ही पीछे सोनमर्ग में ही रोक दिया गया है, यहां इस समय करीब दस हजार से अधिक यात्री है, होटलों में कमरे नहीं मिल रहे हैं, कुछ लोगों को कमरे मिले हैं, तो पांच सौ रुपये प्रतिदिन का कमरा चार से पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया गया है। -अतुल सिंह, अमरनाथ यात्री, टीटीई।
- पता चला कि सिविलियंस ने कंगन के पास के एक यात्री बस रोक ली थी, पथराव कर दिया गया था, जिससे यात्रियों को खेतों में भागकर खुद की जान बचानी पड़ी है। यात्रियों में खौफ की स्थिति है। भगवान से यही मना रहे हैं कि किसी तरह दर्शन करने के बाद सुरक्षित घर वापसी करें। -परमेश राना, अमरनाथ यात्री संभल गेट चंदौसी
-बालटाल में इस समय जहां हमारा भंडारा है, वहां कई हजार यात्री हैं। करीब पचास से अधिक वालियंटर लगे हैं, जो यहां फसें हैं, वहीं पर उन्हें भोजन पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। रहने की जगह नहीं है, इसलिए बसों में ही यात्री सोने को विवश हैं। -चंदर नागपाल, भंडारा प्रभारी, श्रीभोले भंडारी सेवा मंडल मुरादाबाद
संभल के यात्रियों से संपर्क कटा, घरवाले हो रहे परेश्ाान
संभल(ब्यूरो)। संभल के हल्लूसराय से 50 यात्रियों का एक जत्था 1 जुलाई को अमरनाथ के दर्शनों के लिए रवाना हुआ था। शनिवार को अचानक कश्मीर के हालात बिगड़ गए। यात्रा रोकनी पड़ गई। अब हालात सुधरने का इंतजार है। इस बीच तमाम यात्रियों का अपने परिवार वालों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
हल्लूसराय निवासी बबलू की पत्नी जयदेवी ने बताया कि शुक्रवार को शाम के बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है। चांद सिंह की पत्नी कृष्णा ने बताया कि मोबाइल बंद आ रहा है। नदकिशोर की पत्नी रेनू ने बताया कि 11 जुलाई को उन्हें दर्शन करने थे और जत्था बेस कैंप के करीब था। अब संपर्क नहीं हो रहा है। जब बात होगी तभी वहां के हालात पता लगेंगे।