तीन दिन चलता था मेला, इस बार कहीं नहीं लगेगा
नेजा मेला ढाल और झंडा लगने के एक सप्ताह बाद शुरू होता है। इस बार 25 मार्च को शहबाजपुर सूरा नगला में मेला होना था। इसके बाद 26 मार्च को नगर पालिका परिसर और 27 मार्च को हसनपुर मार्ग पर स्थित बादल गुंबद पर आयोजन होना था। इन तीनों ही स्थानों पर मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। इन तीनों ही स्थानों पर मजार हैं और सैकड़ों की संख्या में लोग चादरपोशी करने पहुंचते थे।
हम उच्च अधिकारियों से नेजा मेला लगाने की मांग उठाएंगे: अध्यक्ष
धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी ने कहा कि नेजे की ढाल और झंडा लगाने से आठ दिन पहले एसडीएम को पत्र देकर अवगत करा दिया था। उस समय अधिकारियों ने आपत्ति नहीं की थी। सोमवार को अचानक से अनुमति दिए जाने से मना कर दिया। सदियों से निभाई जा रही परंपरा को इस पूरा नहीं करने दिया जा रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि वह उच्च अधिकारियों से मांग उठाएंगे कि नेजा मेले का आयोजन कराया जाए। लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।
नेजा मेला कुरीति है। इसलिए मेला लगने नहीं दिया जाएगा। जहां ढाल लगाई जाती थी वह सड़क है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता था। रास्ता भी बाधित होता था। इसलिए वहां सीसीटीवी कैमरे के साथ फोर्स को लगा दिया है। उस स्थान को भी सीमेंट से बंद करा दिया है जिसमें ढाल लगाई जाती थी।
- श्रीश्चंद्र, एएसपी (उत्तरी), संभल।