सय्यद सालार मसूद गाजी की याद में संभल में नेजा मेला लगाया जाता है। पुलिस ने कहा है कि जिस सय्यद सालार मसूद गाजी की याद में यह आयोजन किया जाता है वह मोहम्मद गजनवी का सेनापति था। इतिहास में इस बात का जिक्र है कि सालार मसूद ने लूटपाट और हत्याएं की थीं। पुलिस ने कहा है कि लुटेरे और हत्यारे की याद में मेला लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर इसके बाद भी किसी ने मेला लगाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। संभल के चमन सराय में धार्मिक नगर नेजा कमेटी की ओर यह मेला आयोजित होता रहा है।
महमूद गजनवी का भांजा था मसूद गाजी
रामजन्मभूमि पर हमले की कोशिश तो सोमनाथ मंदिर को कई बार लूटने वाले महमूद गजनवी के भांजे सालार मसूद गाजी ने भी की थी। दिल्ली, मेरठ, बुलंदशहर, बदायूं और कन्नौज के राजाओं को रौंदता हुआ, देवस्थानों को ध्वस्त करता हुआ बाराबंकी तक आ गया था। वह बहराइच पर आक्रमण कर अयोध्या पहुंचना चाहता था, पर 1034 ईसवी में कौशल के महाराजा सुहेलदेव ने उसे और उसकी एक लाख 30 हजार की सेना को भी खत्म कर दिया। अयोध्या सुहेलदेव की उपराजधानी थी।
यहां स्थित है सय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह स्थित है। यहां उसकी याद में जेठ मेला का आयोजन होता है। करीब एक माह तक चलने वाले मेले में जियारत करने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। इसमें आम लोगों के साथ-साथ नामी लोग भी शिरकत करते रहे हैं।
करीब एक हजार साल से लग रहा नेजा मेला
करीब एक हजार वर्ष से आयोजित होने वाले संभल के नेजा मेले का आयोजन इस बार नहीं होगा। पुलिस की ओर से कानून व्यवस्था न बिगड़े इसको देखते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। यह दावा है धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी का।
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