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Sambhal News: पुलिस कार की तलाश कर रही, हादसे में घायल युवती ने भी दम तोड़ा

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बहजोई। बहजोई थाना क्षेत्र के गांव अतरासी निवासी ललतेश (22) ने भी उपचार को जाते समय बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे दम तोड़ दिया है। एक ही परिवार में दूसरे दिन यह दूसरी मौत हुई है। सड़क हादसे में घायल युवती को परिजन उपचार के लिए मुरादाबाद ले गए थे, जहां गंभीर हालत होने पर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था।
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वहीं, मंगलवार को हादसे में जान गंवाने वाली ललतेश की फुफेरी बहन गुंजन (8) के शव को परिजनों ने मुरादाबाद के बिलारी अंतर्गत गांव देवरी में बुधवार को दफन कर दिया। बहजोई थाना प्रभारी का कहना है कि कार की तलाश की जा रही है। जो हादसे में शामिल बताई गई है।

मृतका ललतेश के पिता विक्रम सिंह यादव ने बताया कि मंगलवार की शाम करीब छह बजे उनकी बेटी और भांजी पंवासा की साप्ताहिक बाजार जाने के लिए सड़क पर ई-रिक्शा का इंतजार कर रही थीं। गुंजन ने घर जाने की बात कही तो ललतेश उसको घर लेकर जाने के लिए सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान पवांसा की ओर से आई वैन ने दोनों को टक्कर मार दी थी। इसमें ललतेश को घायल होकर सड़क किनारे गिरी, वहीं गुंजन हवा में उछल कर वैन का शीशा तोड़कर गाड़ी में घुस गई थी, जिसको वैन चालक गांव फरीदपुर चौराहे पर फेंक गया था। वैन का पीछा करते हुए पहुंचे तो वहां गुंजन मृत अवस्था में पड़ी थी। पिता का कहना है कि अब गुंजन को किसने कुचला यह पुलिस पता लगाए। हालांकि पहले यह कहा गया था कि कार चालक ने जब गुंजन को सड़क पर फेंका, तभी एक डंपर ने उसे कुचल दिया था।
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बताया कि ललतेश को गंभीर चोट लगी थी। जिसका उपचार चल रहा था। उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। गढ़मुक्तेश्वर के नजदीक दम तोड़ दिया। इसके बाद शव लेकर गांव आ गए।



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दो वर्ष से नानी के घर पर रहकर पढ़ रही थी गुंजन

विक्रम सिंह ने बताया कि उनकी भांजी गुंजन पिछले दो वर्ष से उनके घर ही रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस वर्ष कक्षा दो की छात्रा थी। हादसे ने भांजी और बेटी की जान ले ली। बताया कि ललतेश दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी थी। सभी परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मां सुनीता बेटी को याद कर बेसुध हो रही हैं।
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रिश्ता हो गया था, जल्दी शादी की तारीख तय होनी थी

ललतेश की मां ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का रिश्ता पक्का कर दिया था। अब कुछ ही दिनाें में शादी की तैयारी थी। परिवार के लोग ललतेश की शादी को लेकर खुश थे लेकिन हादसे ने बेटी की जान ले ली। वह बाजार से घरेलू सामान लेने के लिए साप्ताहिक बाजार जा रही थी। बताया कि पूरा परिवार काफी समय से अब दिल्ली में रहता है। वहीं दूध की डेयरी चलती है। 15 दिन पहले ही गांव अतरासी आई थी।



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14 किलोमीटर दूर तक वैन में फंसी गुंजन को ले गया चालक

अतरासी से फरीदपुर चौराहे की दूरी करीब 14 किलोमीटर पड़ती है। हादसे के बाद गुंजन वैन के शीशे से टकराकर वैन के अंदर घुस गई थी। चालक ने गुंजन को रास्ते में नहीं छोड़ा बल्कि वह वैन को दौड़ाता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वैन चालक हादसे के बाद कुछ दूरी पर गुंजन को उतार जाता तो शायद उसकी जान न जाती। क्योंकि वह जिस स्थान पर मिली है उससे प्रतीत होता है कि उसको वहीं किसी वाहन ने कुचला है। पुलिस भी वैन चालक को तलाश कर रही है।
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वैन की तलाश की जा रही है। तहरीर भी पीड़ित परिवार की ओर से नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वैन चालक की तलाश की जा रही है।
कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी
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