धनारी(संभल)। बच्चे का शव मिलने के दूसरे भी पुलिस हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा सकी। हालांकि संदेह के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। शुक्रवार को पुलिस ने घटना स्थल सहित कई जगह पहुंचकर सबूत जुटाने के भी प्रयास किए। इसके साथ ही डॉग स्क्वाॅड की मदद भी ली गई।
पता हो कि बीती 15 फरवरी को धनारी पट्टी बालू शंकर निवासी रोहित का सात वर्षीय पुत्र अंशु गायब हो गया था। इसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई गई थी। पिता समेत परिवार के लोग उसे लगातार खोज रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। लापता होने के 12 वें दिन अंशु का शव गांव के ही राजेंद्र सिंह के गेहूं के खेत में बोरे में बरामद हुआ। परिवारों ने इसकी शिनाख्त की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर दिया गया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल करते हुए नमूने लिए। इसके साथ ही डॉग स्क्वाॅड की मदद भी ली गई, लेकिन हत्यारों तक से पुलिस नहीं पहुंच सकी। पोस्टमार्टम के बाद बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बच्चे की हत्या के खुलासे को पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जिन तीन लोगों पर मृतक पक्ष की ओर से शक जाहिर किया गया है, वह तीनों फरार बताए जा रहे हैं। गुन्नौर ब्लॉक प्रमुख हनी यादव ने मृतक के परिवार को सांत्वना दी और थानाध्यक्ष से घटना का जल्दी खुलासा करने की मांग की है।
इस संबंध में थाना प्रभारी संजय कुमार का कहना है कि बालक की हत्या में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पूरे प्रयास में लगी है। जल्द ही हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
पहले भी दो सगे भाइयों की अपहरण के बाद की गई थी हत्या
धनारी। इससे पहले इसी क्षेत्र में बहजोई के मैथरा धरमपुर निवासी रामौतार के दो पुत्र 26 नवंबर 2025 को अपहरण कर लिया गया था। इसमें बड़े भाई अमरपाल की हत्या कर लाश रजपुरा थाना क्षेत्र में एक गन्ने के खेत में डाल दिया गया था और उसके बाद छोटे भाई कमल का शव धनारी क्षेत्र में एक तालाब से बरामद हुआ था। इन दो हत्याओं को अंजाम देने वाले को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी और उसने पिछले दिनों अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। संवाद