झमाझम बरसात के बीच जुलाई महीने में एक दिन मे छह करोड पौधे लगाकर सूबे की अखिलेश यादव सरकार विश्व रिकार्ड बनाने की कवायद में जुट गई है। जिसके तहत संभल जिले को 1.85 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य मिला है। जिसमें 85 हजार पौधे वन विभाग रोपित कराएगा। अन्य विभाग एक लाख पौधे रोपित करेंगे।
अपर अपर प्रमुख वन संरक्षक उत्तर प्रदेश/संभल जिले के नोडल अधिकारी एमएस भुप्पल ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार बहजोई में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ इस बाबत एक कार्यशाला का भी आयोजन किया।
अपर प्रमुख वन संरक्षक ने समय से पूर्व सभी व्यवस्था चॉक चौबंद रखने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी/कर्मचारी नर्सरी के पौधों का उचित एवं प्रभावी ढंग से देखभाल करते रहें। प्रत्येक नर्सरी से निर्धारित पौधे रोपण स्थल पर 10-15 दिन पूर्व पहुचा दिए जाएंगे। प्रत्येक नर्सरी से विभिन्न रोपण स्थलों पर भेजे जाने वाले पौधों का डिस्पैच प्लान बना लिया जाए।
प्रजातिवार पौधो की संख्या, नर्सरी से रोपण स्थल का रुट चार्ट, नर्सरी से दूरी, पौधो का परिवहन करने वाले वाहन का विवरण, कर्मचारी का नाम, मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। किसी रोपण स्थल का क्षेत्रफल 20 हेक्टेअर से अधिक नहीं होना चाहिए।
फील्ड के एक-एक अधिकारी से नर्सरी की जानकारी लेते हुए कहा कि अब तक किए गए कार्य का मूल्यांकन कराया जाएगा। प्रजातिवार, ऊचाईवार व ग्रेडिगवार पोधों को निशान के माध्यम से अलग-अलग कर ले। पौधो की सिंचाई फव्वारे के माध्यम से करे। गणना पंजिका रखे तथा स्टाक का रजिस्टर प्लाटवार व क्यारीवार बना ले। गड्ढा पटान का कार्य 31 मई तक पूरा कर लिया जाना चाहिए।
पंजीकृत मनरेगा श्रमिकों की सूची जाब कार्ड संख्या सहित बना लें, ताकि रोपण कार्य संपन्न होने पर स्थल पर ही पारिश्रमिक का भुगतान किया जा सके। प्रत्येक रोपण स्थल के लिए तीन गवाह तथा तीन आडिटर का चयन किया जाएगा।
जोनल व सेक्टर अधिकारी नामित कर उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिला वनाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि जिले की नौ पौधशालाओं में तीन लाख पौधे उपलब्ध है। पौधरोपण के कार्य प्रभारी जून के अंतिम सप्ताह तक सभी आवश्यक व्यवस्था पूर्ण कर लें। सभी रेंजर एसडीएम व बीडीओ के साथ बराबर बैठक करते रहे। बैठक में रेंज आफीसर, उपराजिक, वनबिद, वन रंक्षक, माली व विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।