गाजियाबाद में पकड़े गए 27.5 लाख की करेंसी जिसमें 14 लाख की नई करेंसी
- फोटो : अमर उजाला
चंदौसी में दो, संभल में दो और धनारी में एक व्यक्ति की जान गई है। बैंक खाते में पैसे होने के बावजूद रकम नहीं निकल सकी। उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती नहीं करा सके। इलाज न मिलने से मौत हो गई।
संभल के ब्लाक असमोली के गांव बाबूखेड़ा में बलबीर पुत्र डोरीलाल दो महीने से बीमार चल रहा था। इनका इलाज मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। गांव की ही प्रथमा बैंक में रुपये थे लेकिन कई बार लाइन में लगने के बाद बलवीर के परिजनों को रुपये नहीं मिले। रुपये न होने के चलते शुक्रवार को इलाज रुक गया। ऐसे में परिजन बलवीर सिंह को गांव ले आए। घर आने के बाद रात को उनकी मौत हो गई। दूसरी घटना में मोहम्मदपुर भंडा गांव निवासी हरस्वरूप सिंह की जान गई है। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। परिजनों ने बताया कि प्रथमा बैंक लखौरी में उनका खाता है लेकिन बैंक से रुपये नहीं निकल पा रहे थे। रुपये न होने के चलते हरस्वरूप का उपचार नहीं हो पाया। ऐसे में शनिवार को सुबह उनकी की मौत हुई।
चंदौसी के लक्ष्मण गंज पजाया निवासी मोहम्मद सालिम(22) पुत्र छोटे खां गंभीर बीमार था। पिछले एक सप्ताह से परिजन सालिम का इलाज मुरादाबाद के निजी अस्पताल में करा रहे थे। स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सकों ने सालिम को मुरादाबाद से दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था। लेकिन बैंक से पैसे न निकलने के कारण वह उसे दिल्ली न ले जा सके। नकदी के लिए मां अनवरी ने कई बार रामस्वरूप रोड स्थित स्टेट बैंक में कतार में लगकर मशक्कत की लेकिन नकदी नहीं मिल सकी।
शनिवार को सुबह चार बजे सालिम की हालत बिगड़ी और इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों में कोहराम मच गया। उधर थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव औरंगपुर सिलेटा निवासी अफसरी (55) पत्नी मोहम्मद रफीक की नकदी नहीं मिलने से इलाज के अभाव में मौत हो गई। मोहम्मद रफीक ने बताया कि नकदी के लिए कई बार मोहम्मदपुर बाबई स्थित प्रथमा बैंक की शाखा में लाइन में लगे। लेकिन बैंक में करेंसी ही नहीं आई। ये बताकर हर बार लौटा दिया गया। अफसरी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
धनारी थाना क्षेत्र के सुनवर सरास निवासी खानसहाय (51) पुत्र नौरंगी लाल पिछले आठ दिन से सर्व यूपी ग्रामीण बैंक सुल्तानगढ में रुपये निकालने के लिए सुबह ही घर से चला जाता था। बताया कि कई दिन से वह भूखे पेट ही घर से निकल आया था। भीषण ठंड व भूख से उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन किसान का इलाज कराने के लिए चंदौसी के एक निजी डाक्टर के यहां ले गए। जहां खुले रुपये न होने के कारण इलाज नहीं हो सका।
शुक्रवार की सुबह किसान के परिवार वाले उसे घर ले आये। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे उसने दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान ने बताया कि किसान के बीमर पड़ने पर उसके परिवार वालों ने कई लोगों से पैसे की व्यवस्था के लिए सहयोग मांगा था। लेकिन सभी की हालत एक जैसी है इसलिए पैसों की व्यवस्था नहीं हो सकी। शनिवार को किसान का अंतिम संस्कार कर दिया गया।