इसकी पुष्टि संभल जिले चार विकास खंडों में बच्चों का वजन लिए जाने के बाद हुई। वजन दिवस के मौके पर 81,630 बच्चों का वजन लिया, जिसमें 5306 बच्चे अतिकुपोषित निकले। यह संख्या अभी बढ़ सकती है क्योंकि सभी विकास खंडों की रिपोर्ट अभी कंपाइल नहीं हुई है।
नौनिहालों को कुपोषण से बचाने के लिए राज्य सरकार ने हौसला पोषण योजना शुरू की है। इसी योजना के तहत शनिवार को वजन दिवस मनाया गया। संभल जिले के बनियाखेड़ा, बहजोई, संभल, जुनावई विकास खंड के 907 आंगनबाड़ी केंद्रों को 38 सेक्टर में बांटा गया था ताकि किसी केंद्र पर कोई दिक्कत न आने पाए। वजन दिवस में सहयोग के लिए प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी लगाया गया। प्रत्येक केंद्र पर पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन लिया गया।
बाल विकास विभाग की कार्यवाहक जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता ठाकुर ने देर शाम बताया कि जिले में 81630 बच्चों का वजन लिया गया है लेकिन सभी केंद्रों की रिपोर्ट अभी कंपाइल नहीं हुई है। कुल 38 में अब तक 20 सेक्टरों से रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट के मुताबिक 5306 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं। इन्हें पोषण देने के लिए इनकी माताओं को जागरूक करेंगे तथा प्रतिमाह एक बच्चे के लिए 500 ग्राम देशी घी का पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा जिसे बच्चे की मां जरूरत के अनुसार उपयोग कर सकेगी। इस बीच संभल जिले में स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने नरौली और खासेपुर का दौरा किया।
सर्दी के चलते वजन दिवस पर सुबह असर था लेकिन 12 बजे के बाद अभियान ने रफ्तार पकड़ी। कुपोषित बच्चों को पोषण देने की योजना में अब 13 दिसंबर को वजन दिवस फिर होगा जिसमें संभल जिले के असमोली, पवांसा, रजपुरा और गुन्नौर ब्लाक में नौनिहालों का वजन लिया जाएगा।