चंदौसी (संभल)। कोर्ट ने मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में झूठे साक्ष्य पेश करने वाले मौलागढ़ निवासी वादी एवरन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं मुकदमे के तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के मौलागढ़ निवासी एवरन सिंह ने तीन लोगों पर मारपीट और एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 30 जून 2018 की सुबह नौ बजे वह सब्जी मंडी से आम लेने के लिए गया था। मंडी में आढ़ती यूसुफ उसे खराब आम देने लगा, जिस पर उसने आम लेने से इन्कार कर दिया। जिस पर आढ़ती यूसुफ ने अपने भाई भूरा और बेटा आरिफ के साथ मिलकर उसे लाठी-डंडों से पीटा। शोर लोग एकत्र हो गए और उसे बचाया। जिसके बाद आरोपी जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। आरोपियों के अधिवक्ता विशाल भारद्वाज ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के मामले में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रागिनी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। साथ ही वादी एवरन के खिलाफ अदालत में मिथ्या साक्ष्य देने पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।