संभल। लोकायुक्त के आदेश पर सिरसी में श्मशान घाट, तालाब और अन्य विकास कार्यों में धांधली कर सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत की जांच फिर से शुरू हो गई। डीएम के आदेश एडीएम मौके पर पहुंचे तथा निर्माण कार्य देखे। उन्होंने जांच के लिए निर्माण कार्यों से संबंधित जरुरी पत्रावली तलब की है। ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
सिरसी में पीली तालाब का सौंदर्यीकरण वर्ष-2012 से 2017 के दौरान हुआ। उस समय वसीम खां सिरसी के चेयरमैन थे। अब उनकी पत्नी हैं। तालाब सौंदर्यीकरण व अन्य विकास कार्य नगर पंचायत की सीमा क्षेत्र से बाहर होने का दावा करके शिकायतकर्ताओं ने पहले जिला स्तरीय अधिकारियों से शिकायत की थी। पर इसमें कोई कार्रवाई न होने से नाराज शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त से शिकायत की थी। लोकायुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए संभल डीएम को जांच के आदेश दिये। डीएम ने एडीएम केके अवस्थी, वरिष्ठ कोषाधिकारी विजय शुक्ला व अभियंता रविकांत वर्मा की टीम गठित कर जांच के निर्देश दिये हैं।
बुधवार जांच टीम सबसे पहले पीली तालाब पहुंची। वहां कार्यो की जांच की। इसके बाद शहीद वाले तालाब के पास बने अंत्येष्टि स्थल पर गए और जांच की। मोहल्ला सादक सराय में स्थित दूसरे शमशान घाट पर भी निर्माण कार्यों को देखा। सिरसी रोडवेज बस अड्डे के पास बने हुए गेट को भी देखा। बराही मार्ग पर विस्की तालाब पर जांच पड़ताल की। जांच टीम ने सिरसी के ईओ पृथ्वीराज यादव से इन कार्यों की पत्रावली उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इस दौरान शिकायत कर्ता नूर हसन, कमाल अब्बास, विमल सैनी, बाबू, हसन आरिफ, चरन सिंह आदि मौजूद रहे।
सिरसी में विकास कार्यों में धांधली की जांच अभी शुरू हुई है। जांच अभी जारी है। कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। जांच पूरी करके रिपोर्ट जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जो लोकायुक्त को जाएगी।
केके अवस्थी, अपर जिलाधिकारी, संभल
सिरसी के विकास के लिए जो विकास कार्यें कराए जा रहे हैं, उसमें कुछ लोग अवरोध पैदा कर रहे हैं। सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक द्घेष भावना से प्रेरित होकर शिकायतें की जा रहीं हैं। पांच साल पहले भी जांचें हुईं हैं, सत्य सबके सामने आया था। अब फिर से जांच हो रही हैं। हमने विकास कार्य कराए हैं, जिससे नागरिकों को सहूलियतें मिलीं हैं। सभी काम नियमानुसार हुए हैं।
वसीम खां, पूर्व चेयरमैन, नगर पंचायत सिरसी