चंदौसी। विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के पदाधिकारी शुक्रवार की दोपहर किसी काम से रेलवे स्टेशन पर गए थे। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर एक पर जीआरपी थाने के पास बिना वर्दी के खड़ा आरपीएफ का सिपाही उनसे अभद्र व्यवहार करने लगा। इसको लेकर दोनों के बीच नोक-झोंक शुरू हो गई। गाली देने पर हिंदू संगठनों के पदाधिकरियों ने आरपीएफ जवान को दौड़ कर पकड़ा साथ ही उसकी जमकर पिटाई कर जीआरपी थाने ले गए। इसबीच मुरादाबाद से पहुंची आरपीएफ की महिला इंस्पेक्टर वहां पहुंच गई। इस दौरान इंस्पेक्टर के माफी मांगने पर बिना कार्रवाई किए जवान को छोड़ दिया गया।
शुक्रवार की दोपहर एक बजे के करीब विश्व हिंदू परिषद के शेखर सक्सेना, हिंदू जागरण मंच के कौशल किशोर वंदेमातरम, बजरंग दल के नितिन शर्मा अन्य पदाधिकारियों के साथ किसी कार्य से रेलवे स्टेशन पर एक साथ पहुंचे। आरोप है कि जैसे ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी प्लेटफार्म नंबर एक पर जीआरपी थाने के पास पहुंचे, तभी वहां पहले से बिना वर्दी में खड़े आरपीएफ के सिपाही ने उन लोगों से स्टेशन पर आने का कारण पूछा, पदाधिकारियों की मानें तो कारण बताने पर सिपाही उनसे अभद्रता करनी शुरू कर दी। इस पर पदाधिकारियों और सिपाहियों के बीच नोक-झोंक शुरू हो गई। पदाधिकारियों के हावी होने पर सिपाही भागने लगा। इस दौरान पदाधिकारियों ने उसका पीछा कर लिया, बताया जाता है, सिपाही रेलवे ट्रैक पर कूद गया और पत्थर उठाकर पदाधिकारियों को भागने का प्रयास किया। तभी पदाधिकारियों ने उसे पकड़ उसकी पिटाई शुरू कर दी। इससे हड़कंप मच गया, पदाधिकारी सिपाही को पकड़कर जीआरपी थाने ले आए। घटना की जानकारी मिलने पर आरपीएफ थाने में बैठी मुरादाबाद से पहुंची इंस्पेक्टर शिखा मलिक ने पदाधिकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया। इस दौरान पदाधिकारी सिपाही के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मामला गर्माता देख आरपीएफ इंस्पेक्टर शिखा मलिक ने हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों से माफी मांगकर मामले को रफा-दफा किया। इस अवसर पर हिंदू संगठनों के यश मदान, मुदित गर्ग, शुभम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।