जनेटा/चंदौसी(संभल)। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के चलते यूक्रेन में मौजूद चंदौसी के दो छात्रों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। फोन पर परिजनों से बात करते हुए छात्रों ने बताया कि भारतीय दूतावास की ओर से यूक्रेन छोड़ने का पत्र उन्हें मिल गया है, लेकिन विश्वविद्यालय ने छात्रों को हालात सामान्य बताते हुए घर जाने की अनुमति नहीं दी है। बिना अनुमति आने पर एक हजार रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी देनी होगी। फिलहाल दोनों छात्र अभी विश्वविद्यालय के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
संभल जनपद की चंदौसी तहसील के गांव जनेटा निवासी मोहम्मद कैस और मोहम्मद शारिक यूक्रेन की पोल्टावा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। मोहम्मद कैस एक दिसंबर को यूक्रेन गए थे और वह प्रथम वर्ष के छात्र हैं। मोहम्मद कैस के पिता हाफिज एजाज ने बताया कि बेटे से मंगलवार को फोन पर बात हुई है। भारतीय दूतावास का पत्र बेटे को मिला है तथा यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी गई है। बेटे ने फोन पर बताया कि पर यूक्रेन की मेडिकल यूनिवर्सिटी ने छात्रों को घर आने की अनुमति अभी नहीं दी है। छात्र यदि विश्वविद्यालय की अनुमति के बिना घर आते हैं तो उन्हें एक हजार रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी जमा करनी होगी। बेटे ने बताया कि वह अभी विश्वविद्यालय की अनुमति का इंतजार है।
वहीं गांव जनेटा निवासी मोहम्मद शारिक के पिता मुशाहिद अली ने बताया कि उनका बेटा शारिक पोल्टावा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और द्वितीय वर्ष का छात्र है। शारिक से फोन पर सोमवार को बात हुई थी। बेटे ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वर्तमान हालात को देखते हुए विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर मीटिंग की है। अभी छात्रों को घर लौटने की अनुमति नहीं दी है। इससे सभी भारतीय छात्र असहज और चिंतित हैं। इधर परिजनों को भी चिंता सता रही है।