संभल। लखनऊ समेत कई शहरों में सीसीटीवी कैमरों और पुलिस की वीडियोग्राफी में जिन उपद्रवी लोगों के चेहरे कैद हो गए थे, उनके चित्र पुलिस ने छांट लिए हैं। जो लोग पथराव कर रहे थे या गोली चला रहे थे, उनकी फोटो पुलिस की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग में आ गई है।
संभल के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने गुरुवार को संभल कोतवाली में प्रेसवार्ता कर इन चित्रों को जारी कर दिया था। लेकिन अभी तक गली मोहल्लों में चित्रों के फ्लैक्सी नहीं लगाए गए हैं। इसमें देरी हो रही है। क्योंकि पुलिस ने जिन 50 लोगों के चेहरे पहचानने का दावा किया है, उनमें भी संदेह है। क्योंकि पुलिस ने दूसरे लोगों को चित्र दिखाकर पहचान कराई है।
इसमें पूरी तरह से सही पहचान नहीं हुई। एक दो लोगों के चित्र तो हैं पर नाम किसी और के सामने आए हैं। इसके बाद पुलिस ने सार्वजनिक रूप से चित्रों की फ्लैक्सी लगवाने से पहले पूरी तरह से पहचान को पुख्ता करने की तैयारी की है। ताकि किसी व्यक्ति की सार्वजनिक रूप से बदनामी न होने पाए।