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संभल में बनी रहेगी चौकसी, संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल है तैनात

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संभल के आर्य समाज रोड पर पैदल मार्च करते पुलिस कर्मी। - फोटो : SAMBHAL
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संभल। हालात भले ही सामान्य हो गए हों पर संवेदनशीलता और अंदेशे सामने होने की वजह से प्रशासन अभी संभल पर एहतियाती चौकसी बनाए रखेगा लेकिन पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों की संख्या घटाई जाएगी ताकि सामान्य तरीके से चलने वाले सरकारी कामकाज को रफ्तार दी जा सके।
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असल में जिले के अधिकांश अधिकारियों को संभल के बवाल के बाद मजिस्ट्रेट ड्यूटी सौंप दी गई थी। उन्हें मजिस्ट्रेट बनाते हुए अलग अलग क्षेत्र में तैनात किया गया था। मजिस्ट्रेट ड्यूटी के चलते जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों के विभागीय कामकाज फंस गए थे। दस दिन से विभिन्न सरकारी योजनाओं में काम नहीं हो रहे थे।
संवेदनशीलता के मद्देनजर संभल को जोन और सेक्टर में बांटकर पुलिस बल तैनात किया गया था लेकिन जब 19 व 20 दिसंबर को संभल में बवाल हो गया तो जिला प्रशासन ने पड़ोसी जनपदों से पुलिस बल बुला लिया।
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मंडल के अधिकारियों ने संभल में डेरा डाल दिया। मंडलायुक्त ने संभल का दौरा किया तो आईजी रमित शर्मा तो संभल में आठ दिनों से डेरा डाले थे। वह लगातार निरीक्षण भवन में ठहर कर पल पल के हालात पर नजर बनाए हुए थे जब शुक्रवार को हालात पूरी तरह सामान्य नजर आए तो वह शनिवार को मुरादाबाद के लिए रवाना हुए। वहीं जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह भी संभल में रहे।
जिलाधिकारी सामान्य दिनों में बहजोई स्थित अपने कार्यालय में बैठते हैं लेकिन बवाल के बाद से वह संभल में ही ठहर रहे थे। जिलाधिकारी के साथ जिला स्तरीय अधिकारी भी ड्यूटी पर थे।
इसलिए सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास संबंधी योजनाओं की रफ्तार पर ब्रेक लगा हुआ था। अब जिलाधिकारी ने शनिवार को सभी अधिकारियों से कहा है कि वे अपने अपने विभाग की योजनाओं को आगे बढ़ाएं। मजिस्ट्रेट ड्यूटी की जिम्मेदारी से तमाम अधिकारी अब हटाए जा रहे हैं क्योंकि संभल में हालात सामान्य हैं। पुलिस बल की संख्या भी घटाई जा रही है क्योंकि अब तनाव नहीं है।
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