बहजोई। सरकारी अस्पतालों में कैल्शियम की जांच के लिए एनालाइजर (जांच मशीन) शोपीस बनी हुईं हैं। इसके कारण निजी केंद्रों पर डेढ़ सौ रुपये में मरीजों को कैल्शियम की जांच करानी पड़ रही है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार बेखबर हैं।
कई साल पहले सरकार की ओर से जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को नॉन कम्युनिकेबिल डिजीज (एनसीडी) के तहत रक्त व कैल्शियम समेत अन्य बीमारियों की जांच के लिए मशीनें उपलब्ध कराई गई थीं। कुछ मशीनें सुचारु रूप से संचालित करा दी गईं, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण कुछ नई मशीनें अभी तक डिब्बे में बंद रखी हुई हैं। इनमें एक एनालाइजर कैल्शियम की जांच वाली मशीन भी शामिल है।
इसके अलावा इंस्टॉल न होने के कारण यह एनालाइजर शोपीस बने हुए हैं। सीएचसी की प्रयोगशाला के स्टाफ की ओर से जानकारी दी जाती है कि पहले एनालाइजर को इंजीनियर की ओर से इंस्टॉल किया जाएगा। इसके बाद एनालाइजर से कैल्शियम की जांच हो सकेगी। अब बीते काफी समय से कैल्शियम की जांच के लिए प्रयोगशाला स्टाफ को एनालाइजर के इंस्टॉल होने को लेकर इंजीनियर के आने का इंतजार है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिले के 10 अस्पतालों में नई मशीनें इंस्टॉल ही नहीं की गई हैं, जिससे लोगों की जांच नहीं की जा रही है।
कैल्शियम की जांच के लिए एनालाइजर को सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए एनसीडी के नोडल अधिकारी के लिए निर्देशित किया जाएगा। -डा. अजय कुमार सक्सेना, मुख्य चिकित्साधिकारी, संभल।