संभल/चंदौसी/बहजोई। बृहस्पतिवार को जिलेभर में देवी मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। देवी मंदिरों में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने मां की पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
महंत मुरली सिंह ने बताया कि मां कात्यायानी मां दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। मां कात्यायनी ने अपने पुत्री स्वरूप से पिता कुल की रक्षा का संदेश दिया। कात्यायन ऋषि ने देवी से वरदान मांगा कि आप पुत्री रूप में मेरे घर जन्म लें। देवी ने ऋषि की प्रसन्नता के लिए अजन्मा स्वरूप त्याग कर पुत्री रूप में जन्म लिया। इस रात्रि जप करने से साधक को मां कात्यायनी की कृपा का लाभ मिलता है।
बृहस्पतिवार को नगर के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री चामुंडा देवी मंदिर में भोर से ही श्रद्धालु पहुंचे और कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा विधि-विधान से की और उपवास रखा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए। इससे माहौल भक्तिमय बना रहा। शाम को घरों में ज्योत प्रज्ज्वलित कर उपवास खोला। शाम 7 बजे मंदिर पर मां दुर्गा की भव्य आरती की गई। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात तक श्रद्धालु मंदिर पर मां के दर्शन के लिए पहुंचे।
वहीं बहजोई के मां भगवंतपुरवाली देवी मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना प्रारंभ हो गया। श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर मन्नत मांगी। श्रीदेवधाम मंदिर समेत काली माता मंदिर, चामुंडा माता मंदिर, शीतला माता मंदिर, मां मंदिर, संतोषी माता मंदिर व नवदुर्गा मंदिर में शाम को महाआरती हुई। नगरभर के मंदिर विद्युत उपकरणों की रोशनी में सराबोर रहे।
इसके अलावा चंदौसी में रायसत्ती स्थित देवी मंदिर, बागधाम स्थित मां सिद्धिदात्री नवदुर्गा मंदिर, कैथल गेट स्थित श्रीदेवी गंगा मंदिर, सीता रोड स्थित बगिया वाली देवी मंदिर, जारई गेट स्थित प्राचीन देवी मंदिर, मौलागढ़ स्थित कंकाली देवी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। भक्तों ने देवी मां की आराधना के पश्चात घर परिवार की खुशहाली की मन्नतें मांगी।