भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में मुरादाबाद जनपद के बिलारी कस्बे में महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, रामपुर और बदायूं जनपद के करीब 10 हजार किसान शामिल हुए। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत महापंचायत में शामिल हुए। किसान आंदोलन के मसले पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपना अड़ियल रवैया छोड़ दे और किसानों के मान सम्मान से खिलवाड़ ना करे तो मामला सुलझ सकता है।
मुरादाबाद के बिलारी में शुक्रवार को किसान पंचायत में जाते समय संभल के सिंहपुर सानी में किसानों द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में नरेश टिकैत ने कहा कि यदि सरकार किसानों के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ करना बंद कर अपना अड़ियल रवैया छोड़ दे तो मामला सुलझ सकता है। उन्होंने कहा कि सबकुछ सरकार पर निर्भर है। टिकैत ने कहा कि कृषि घाटे का सौदा हो गई है और सरकार कह रहे हैं कि इसमें फायदा है। हमें अपना नफा-नुकसान पता है, इसलिए वे इस तरह का रवैया ना अपनावें।
विदेशियों द्वारा किसान आंदोलन के समर्थन पर नरेश टिकैत ने कहा कि विदेश से हमारा कोई मतलब नहीं है। हमारा तो यही कहना है विदेशों में भी बात तो जाती है और सरकार की छवि खराब हो रही है तो इस तरह की नौबत क्यों ला रहे हैं। महापंचायत में पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए और कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया। पदाधिकारियों ने साफ कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक किसान आंदोलन वापस नहीं होगा। चाहे कितनी भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।