संभल। नगर के आर्य समाज मंदिर में नगर हिंदू सभा व हिंदू जागृति मंच की ओर काकोरी कांड के महानायकों के बलिदान दिवस पर राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कमलकांत तिवारी, अजय कुमार शर्मा व अजय गुप्ता सर्राफ ने मां शारदा के चित्र पर दीप प्रज्वलित करके किया। इसमें वरिष्ठ कवि सुभाष चंद्र शर्मा ने सुनाया कि वीर शहीदों को देश मेरा कभी भुला न पाएगा, हैं सच्चे हिन्दुस्तानी हम, बलिदान व्यर्थ न जाएगा। उज्ज्वल वशिष्ठ ने कहा कि हमारी सरहदों पर जब लहू सैनिक का बहता है, तो फिर हमको गजल श्रृंगार की अच्छी नहीं लगती।
वजीरगंज ने आए ओजकवि अखिलेश ठाकुर ने सुनाया कि शब्द ही नहीं है उस शौर्य के बखान हेतु, जिसे देख रक्त सूख जाता दुष्ट प्राणी का, तन कांप-कांप जाता पीपल के पात सम और भय से प्रवाह रुक जाता वाणी का। त्यागी अशोक कृष्णम् ने कहा कि झूठों की माया बड़ी मनमोहक संसार, जादूगर बन कर रहे सबका बंटाधार। व्यंग्यकार अतुल कुमार शर्मा ने कहा कि जकड़ी है जिंदगी जरूरत के जाल में, समाया सा लगता नर काल के गाल में। कब तक ऐसा करेगा रे तू भोले इंसान, बंद कर दे ढूंढना, कारौंच काली दाल में।
हास्य कवि मनमोहन गुप्ता ने कहा कि हे कलिकाल तुम्हारी महिमा सचमुच तीन लोक से न्यारी, नैतिकता का पाठ पढ़ाते कपटी, लोभी, भ्रष्टाचारी। ज्ञानप्रकाश उपाध्याय ने पढ़ा कि बलिदान कर दिया जीवन, अपना सब कुछ बारा, ओ भारत मां के प्यारों तुमको है नमन हमारा। प्रदीप दीप ने कहा कि साधना मत कीजिए आकाश की, नींव रखिए भूमि पर विश्वास की, कर दिया है दंभ ने अंधा जिसे, है घड़ी नजदीक उसके नाश की। सभी कविगणों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
अजय कुमार शर्मा ने काकोरी कांड के महानायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी के जीवन चरित्र प्रकाश डाला। कमलकांत तिवारी व संचालन अतुल कुमार शर्मा ने किया। इस दौरान अरुण अग्रवाल, नेहा मलय, बबीता शर्मा, सुशील गुप्ता भगत, रवि शंकर चतुर्वेदी, सुबोध कुमार गुप्ता, दीपा वार्ष्णेय, आशा गुप्ता, नवनीत कुमार सीमा आर्या, शोभित गुप्ता, डा. यूसी सक्सेना, डा. अरविंद कुमार गुप्ता, विनोद कुमार अग्रवाल, दीपक दुबे आदि मौजूद रहे।
शहीद क्रांतिकारियों को याद कर दी श्रद्धांजलि
संभल। असमोली स्थित विकास विकलांग सेवा समिति के कार्यालय पर बलिदान दिवस मनाया गया। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में शहीद क्रांतिकारियों को याद कर उनके चित्र के सम्मुख पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
समिति के अध्यक्ष आस मोहम्मद ने बताया कि 19 दिसंबर 1927 को भारत के शहीद क्रांतिकारियों अशफाक उल्ला खां, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल व ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई थी। तीनों क्रांतिकारियों को यह सजा काकोरी कांड के लिए दी गई थी। इस दौरान जाने आलम, अमित कुमार, रियासत हुसैन, नफीस आदि मौजूद रहे।