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झोलाछाप चिकित्सक के नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत, गलत ऑपरेशन करने का आरोप

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संभल। झोलाछाप चिकित्सक के नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक और उसके स्टाफ पर गलत आपरेशन करने का आरोप लगाया है। परिजनों की ओर से रजपुरा थाने में तहरीर दी गई है। जिस झोलाछाप चिकित्सक पर आरोप है उसका नर्सिंग होम आठ महीने पहले सील किया गया था। इसके बाद भी लगातार यह नर्सिंग होम चलता रहा।
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रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिंघौली पूर्वी निवासी धीरेंद्र ने बताया कि गुरुवार की दोपहर उनकी पत्नी विमलेश को प्रसव पीड़ा हुई थी। वह गवां स्थित नर्सिंग होम पर उपचार के लिए ले गए। जहां चिकित्सक ने भर्ती कर लिया और देर रात बिना जानकारी दिए ऑपरेशन कर दिया। आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन करने के चलते शिशु की जन्म के बाद ही मौत हो गई थी। विमलेश की हालत बिगड़ने पर मेरठ ले जाने के लिए कह दिया।
पीड़ित पति ने बताया कि वह उपचार के लिए महिला को लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी पत्नी की मौत हो गई। झोलाछाप चिकित्सक और उसके स्टाफ पर गलत तरीके से ऑपरेशन करने का आरोप लगाया है। रजपुरा थाने में तहरीर दे कार्रवाई की मांग की है। रजपुरा थाने के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह का कहना है कि तहरीर नहीं मिली है। जानकारी मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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आठ महीने पहले नोडल अधिकारी ने किया था सील, इसके बाद भी खुलता रहा नर्सिंग होम
गवां। जिस नर्सिंग होम के चिकित्सक और स्टाफ पर महिला की मौत का आरोप है। इसके खिलाफ आठ महीने पहले रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। नर्सिंग होम भी सील कर दिया गया था। इसके बाद भी यह नर्सिंग होम खुलता रहा। ग्रामीणों ने बताया कि कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही नर्सिंग होम खुल गया था। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से ही सील किए गए अस्पताल खुल जाते हैं। संवाद
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