चंदौसी। महाशिव रात्रि आने वाली है, लेकिन शहर की सभी सड़कें जर्जर और टूटी हुई हैं। अमर उजाला द्वारा मुद्दा उठाने के बाद प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री गुलाब देवी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खराब सड़कों के जिम्मेदार जल निगम व नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को तलब किया। स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़कों को लेकर लापरवाही दिखाई तो वह परिणाम भुगतने को तैयार रहें। बाद में राज्यमंत्री ने सड़कों का निरीक्षण किया। स्थिति में सुधार लाने को सप्ताहभर का समय दिया।
राज्यमंत्री गुलाब देवी ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार उपवन को तलब किया। उनके विभाग के जेई व नगर पालिका परिषद के जेई भी पहुंचे। लेकिन अधिशासी अभियंता को कितना काम हो गया, कितना बाकी है, कितनी सड़कों की मरम्मत हुई, कब तक मरम्मत पूरी होगी, इसकी कोई जानकारी नहीं थी। सिर्फ इतना बता सके कि यहां दो योजनाएं चल रही हैं। शहर को सात जोन में बांटा गया है।
एक व दो जोन में 16 करोड़ व दो से छह जोन का कार्य 26 करोड़ में कराया जाना है। अधिशासी अभियंता ने राज्यमंत्री के सामने ही कहा कि योजना के बारे में अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित ने भी अधिशासी अभियंता को चेतावनी दी कि यदि तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत नहीं होती तो जल निगम का कार्य बंद करा दिया जाएगा, क्योंकि सड़कों के जर्जर होने से जनता बहुत गुस्से में हैं। जो कभी भी भड़क सकती हैं।
राज्यमंत्री ने अधिशासी अभियंता को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि तोड़ी गई सड़कों पर पाइप लाइन डालकर पहले मरम्मत कराए, उसके बाद दूसरी सड़कें तोड़ीं जाएं। सात दिन के बाद फिर निरीक्षण किया जाएगा। यदि सुधार नहीं हुआ तो शासन को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी। बाद में राज्यमंत्री ने एसडीएम व जलनिगम, पालिका अधिकारियों व भाजपा नेताओं के साथ खुर्जागेट आदि जाकर जर्जर सड़कों का निरीक्षण किया।
चंद मजदूरों के हवाले छोड़ दिया गया 42 करोड़ का कार्य
चंदौसी। शहर में 42 करोड़ की लागत से पेयजलापूर्ति के लिए पाइप लाइन डाली जा रही है। लेकिन इस पाइप लाइन के लिए जल निगम ने शहरभर की सड़कें खोदकर डाल दी और जो शहरवासियों के जी का जंजाल बन चुकी हैं। जल निगम से करार यह है कि जो सड़क खोदी जाए, उसकी मरम्मत कराने की जिम्मेदारी भी जल निगम की है लेकिन जल निगम ने 42 करोड़ रुपये का कार्य चंद मजदूरों के हवाले छोड़ दिया है। जलनिगम का कोई भी अधिकारी चंदौसी नहीं आता, यहां तक कि जिस ठेकेदार को कार्य सौंपा गया है, वह ठेकेदार भी नहीं आता है। दो चार मजदूर रोज खुदाई करते दिख जाते हैं। यही कारण है कि शहर की सभी सड़के बदहाल पड़ी है।
जल निगम के अफसरों ने राज्यमंत्री को कराया इंतजार
चंदौसी। राज्यमंत्री गुलाब देवी ने अपने आवास पर चंदौसी की खराब सड़कों को लेकर बैठक करने को जल निगम व पालिका के अधिशासी अधिकारियों को दोपहर दो बजे बुलाया था। राज्यमंत्री तो बैठक में समय से दस मिनट पहले पहुंच गईं लेकिन जल निगम के अधिशासी अभियंता 2.35 पर पहुंचे। जेई आदि तो उसके बाद पहुंचे। पालिका के जेई केके अग्रवाल व अनुज कुमार 2.55 बजे पहुंचे। इस पर कई भाजपा नेताओं ने कई तल्ख टिप्पणी की।