कब मिलेगा मुआवजा-संभल तहसील मुख्यालय पर किसानों को संबोधित करते भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्
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संभल। ओलावृष्टि से 12 व 13 दिसंबर की रात आलू और सरसों की फसल तबाह हो गई थी। शासन-प्रशासन और बीमा कंपनी ने तबाही के बदले मुआवजा देने का भरोसा दिया था लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया। अभी तक फसल नष्ट होने के मामले में शत-प्रतिशत गांवों का सर्वेक्षण भी नहीं हुआ है। ऐसे में किसान और किसान संगठन आक्रोशित हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन असली ने इसे मुद्दा बनाया है।
यूनियन के कार्यकर्ता किसानों को संग लेकर संभल की सड़कों पर उतरे और पैदल मार्च करते हुए चौधरीसराय, यशोदा चौराहा और एसडीएम कार्यालय होते हुए तहसील मुख्यालय पर पहुंचे। मुख्यालय पर आयोजित सभा में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने आलू की बर्बादी का मुदा उठाया और मुआवजा मिलने में देरी पर आक्रोश जताया। साथ ही धनारी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का स्टापेज न कराए जाने और 97 दिन से धरना जारी होने का जिक्र करते हुए प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग की। यह भी कहा कि अगर कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू खराब होता है तो उसके लिए कोल्ड स्टोरेज मालिकान को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
आवारा गोवंश की समस्या भी उन्होंने उठाई। मध्य गंगा नहर खंड आठ की मुआवजा संबंधी समस्या भी सामने आई। हिंदू-मुस्लिम में भेदभाव की बात भूलकर आपसी एकता बनाए रखने पर जोर दिया गया। तहसील में आंदोलन स्थल पर उप जिलाधिकारी राजेश कुमार और सीओ सिद्धार्थ पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि बीमा क्लेम दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से संवाद कराएंगे।
इसके लिए सात दिन के भीतर बैठक कराएंगे। संचालन अमर सिंह देवल ने किया। अध्यक्षता आशिक रजा ने की। सभा को जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, नवित चौधरी, दीपक शर्मा, जयवीर सिंह, अफसर अली, युवा शाखा के प्रदेश प्रभारी ऋषभ चौधरी, राष्ट्रीय सचिव ऋषिपाल सिंह, महाराज सिंह, मंडल महासचिव संजीव गांधी, अनीस अहमद, दिलशाद ने संबोधित किया।