संभल। खनन माफियाओं ने संभल के नायब तहसीलदार अनुज कुमार की गाड़ी के चालक दीपक को गांव रसूलपुर धतरा में पीट-पीट कर बेहोश कर दिया। नायब तहसीलदार अपने अर्दली के साथ गाड़ी लेकर मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दो लोग हिरासत में लिए और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में कर लिया है। नायब तहसीलदार के चालक को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
चालक ने बताया कि नायब तहसीलदार रिकवरी के लिए गांव रसूलपुर धतरा जा रहे थे। गांव रसूलपुर धतरा के नजदीक कई ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी भरकर गुजर रही थीं। रोककर पूछताछ की तो ट्रैक्टर-चालक भड़क गया और अन्य खनन कर रहे लोग आ गए। उन्होंने हमला कर दिया। चालक ने बताया कि नायब तहसीलदार को उनके अर्दली ने गाड़ी में बैठाया और मौके से गाड़ी लेकर चले गए और वह मौके पर ही रह गया था।
इसलिए आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और बेहोश कर दिया। वहीं दूसरी ओर जब मामला खनन का निकला है तो अब अधिकारियों ने पूरी कहानी ही बदल दी है। अधिकारी गाड़ी निकालने को लेकर विवाद होने की बात कह रहे हैं। जबकि चालक जो पीटा गया है वह यह भी जानकारी दे रहा है कि रसूलपुर धतरा से मिट्टी खोदकर हयातनगर में डाली जा रही थी। अधिकारियों की जिम्मेदारी इस बात पर तय हो रही है कि खनन चल क्यों रहा है। इसलिए अधिकारियों ने पूरी कहानी ही बदल दी है।
दरअसल जिले में खनन जमकर किया जा रहा है। अनुमति के नाम पर यह सारा खेल है। अनुमति फावड़े से मिट्टी खोदने की होती है और जेसीबी से खुदाई कराई जाती है। ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ डंपर भी चल रहे हैं। व्यवसायिक भूमियों पर भराव किया जा रहा है। जबकि जिलाधिकारी ने सख्ती से कहा है कि यदि किसी थाना क्षेत्र में खनन होता मिलता है तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें तहसील स्तरीय अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय है। इसलिए ही नायब तहसीलदार और उनके चालक पर हुए हमले में कहानी को बदला गया है।