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पागल कुत्ते ने दो बच्चों सहित 12 लोगों को काटा

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चंदौसी/कुढ़फतेहगढ़। क्षेत्र के गांव मुडियाखेड़ा में आबादी के बीच घुसे पागल कुत्ते ने लोगों को पर हमला बोल लिया और 12 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उसे लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। साथ ही घायलों का चंदौसी और बिलारी सीएचसी में उपचार कराया।
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रविवार की सुबह करीब नौ बजे थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव मुडियाखेड़ा में गांव टोडरपुर के रास्ते से एक पागल कुत्ता घुस आया। टोडरपुर वाले रास्ते पर आबादी के बाहरी छोर पर दिलशाद का घर है। घर के आगे उसका आठ साल का बेटा रिजवान खेल रहा था। कुत्ते ने सबसे पहले रिजवान को काटा। बालक के शोर मचाने पर कुत्ता आगे की ओर चला गया। गांव में रास्ते में जो भी बालक अथवा युवा मिला, कुत्ते ने उसपर हमला कर घायल कर दिया। इस दौरान कुत्ते ने दो बच्चों सहित 12 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया।
कुत्ते के हमले से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और लाठी डंडे लेकर कुत्ते को आबादी के बाहरी छोर पर घेर लिया और लाठी डंडों से पीटकर मार डाला। इसके बाद जख्मी लोगों का चंदौसी और बिलारी सीएचसी में उपचार कराया गया।
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पागल कुत्ते इन लोगों को काटा
निसार (25), रिजवान (8) पुत्र दिलशाद, आयुष (5) पुत्र बिजेंद्र, सुभाष (25) , गुलवसा ( 7) पुत्री फिरोज, सुगंध (5) पुत्री मुन्नालाल, इंद्रजीत (24), सुरभि (9) पुत्री रामपाल, सचिन (14) पुत्र मुकेश, कल्लू (30), पड़ोस के गांव टोडरपुर निवासी अनुज (6 ), मनोज (10 ) को भी पागल कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया।
बदायूं जनपद के गांव टोडरपुर में इसी कुत्ते ने मचाया था आतंक
ग्रामीणों ने बताया कि मुडियाखेड़ा गांव बदायूं जनपद के गांव टोडरपुर का सीमावर्ती है। कुछ दिन पूर्व इसी पागल कुत्ते ने टोडरपुर में आतंक मचाया था। गांव टोडरपुर निवासी अनुज, मनोज सहित कई लोगों को काटकर घायल कर दिया। वहां के लोगों के द्वारा पीछा करने पर कुत्ता पास के गांव मुडियाखेड़ा में पहुंच गया।
कुत्ते के काटने पर यह बरतें सावधानी
- घाव को सबसे साफ करें, साबुन से खूब धोएं।
- घाव पर हल्दी, मिर्च अथवा अन्य कोई चीज बिल्कुल भी न लगाएं।
- बड़ा घाव हैं तो ढीला करके साफ कपड़ा बांधें, अन्यथा घाव खुला रखें।
- जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचे, टिटनेस व एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
- इसके बाद नियमित समय पर एंटी रैबीज की सभी पांचों डोज लगवाएं।
कुत्ता, बंदर, गीदड़ अथवा अन्य कोई जानवर काटे तो सरकारी अस्पताल अथवा विशेषज्ञ चिकित्सक से ही उपचार कराएं। देसी उपचार के नुक्शे न अपनाएं, सावधानी बरतें।
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डॉ. हरवेंद्र सिंह, एमओआईसी सीएचसी, चंदौसी
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