इसी क्रम में एलओसी जारी हो सकी है। एसपी ने बताया कि एसआईटी ने बवाल की जांच की थी। जिसमें शारिक साठा मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। उसके गिरोह के मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस ने बवाल में गोलियां चलवाई थीं। जिसमें पांच लोगों की जान गई थी। हत्या के मामले में यह तीनों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
एसआईटी की पूछताछ में इन गिरफ्तार आरोपियों ने बवाल के दौरान गोली चलाने की बात स्वीकार की थी। उन्होंने शारिक साठा को ही इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। तब से पुलिस उसकी घेराबंदी में लगातार लगी हुई थी। उसके दुबई में होने की जानकारी मिलने के बाद उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।
उसके विरुद्ध पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। अब इंटरपोल की मदद से उसकी गिरफ्तारी होगी। मालूम हो बवाल के दौरान पांच लोगों की मौत हुई थी लेकिन एक मृतक के परिजनों ने कार्रवाई से इनकार कर दिया था। जिसके चलते पुलिस के रिकॉर्ड में चार ही हत्या के मामले दर्ज हैं।
दो करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी, अब बनेगा सीओ कार्यालय
पुलिस ने शारिक साठा के खिलाफ कई कार्रवाई कर दी हैं। इसी क्रम में उसकी दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है। यह संपत्ति अब शासन के कब्जे में है। यह संपत्ति संभल के दीपा सराय और हिंदूपुरा खेड़ा क्षेत्रों में स्थित है। इस पर सीओ असमोली का कार्यालय बनाया जाना है।
आईएसआई से हैं शारिक साठा के संबंध
एसपी ने बताया कि गैंगस्टर शारिक साठा सोना और हथियार की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल है। वह नकली नोट के धंधे से भी सक्रिय रूप से जुड़ा था। इस मामले के बाद ही उसके संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से होने की बात सामने आई थी। वह दिल्ली से जेल भी गया था। देश के कुख्यात वाहन चोर के रूप में भी जाना जाता है। उसके खिलाफ वाहन चोरी के मामलों समेत कुल 60 मुकदमे अलग-अलग प्रदेश और जिले में दर्ज हैं।