चंदौसी(संभल)। सितंबर 2017 में शादी कराने से इनकार करने पर प्रेमिका के पिता की युवक ने गला दबाकर हत्या कर दी थी। मामले में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने युवक को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मंगलवार को एडीजीसी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि वादी प्रकाश ने 12 सितंबर 2017 को थाना गुन्नौर में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि जिला बदायूं थाना जरीफनगर के गांव रसूलपुर कलां निवासी उनके बहनोई रामअवतार उर्फ औतारी सिंह का एक व्यक्ति से भूमि को लेकर मुकदमा चल रहा था। रामअवतार की भांजी के देवर मुकेश निवासी गांव बैरपुर थाना गुन्नौर का उनके घर आना जाना था। मुकेश मुकदमे में उनकी पैरवी के दौरान मदद भी करता था। मुकेश ने नौ सितंबर 2017 को रामअवतार को फोन करके मुकदमे के लिए 25 हजार रुपये लेकर बुलाया था। इसके बाद रामअवतार घर नहीं लौटा। 11 सितंबर को थाना गुन्नौर क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत की खबर अखबार में छपने पर वह थाने पहुंचे। वहां फोटो देखकर उन्होंने शव की शिनाख्त रामअवतार के रूप में की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामअवतार की मौत का कारण मारपीट और गला दबाकर होने की पुष्टि हुई थी। रामअवतार घर से मुकेश के मिलने की बात कहकर गया था। परिजनों ने मुकेश पर ही हत्या का आरोप लगाया था।
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने 25 बीघा भूमि के लालच में रामअवतार की बेटी से प्रेम कर बैठा और शादी का प्रस्ताव रखा। रामअवतार ने मुकेश से अपनी बेटी की शादी करने से इनकार कर दिया था। तब मुकेश ने मुकदमे में पैरवी के बहाने बुलाया और बाइक पर बैठाकर ले गया था। थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव घोंसली के जंगल में मारपीट करते हुए गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमणि मिश्र ने मामले की सुनवाई की है। रामअवतार की हत्या के आरोप में मुकेश को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।