गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद कुछ लोगों ने घर में घुसकर एक दलित महिला को गोली मार दी। महिला की चीख सुनकर पास ही सो रही ताई हड़बड़ा कर उठी तो उस पर भी फायर कर दिया। इसमें ताई भी जख्मी हो गई। घटना भाई से पुरानी रंजिश की बताई जा रही है। इस मामले में ग्राम प्रधान समेत गांव के ही चार लोगों को नामजद किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के दौलतपुर (दौलत खां) गांव निवासी गोकुल जाटव पुत्र बदन सिंह परिवार समेत घर पर सो रहा था। गुरुवार को ही उसकी बहन कैलाशो (30) पत्नी गजेंद्र जो अमरोहा जिले के आदमपुर थाने के शाहबाजपुर गांव में ब्याही है, अपने मायके आई थी।
गर्मी होने के कारण पूरा परिवार आंगन में लेटा था, तभी रात करीब एक बजे के बाद कुछ लोग घर में घुस गए। एक चारपाई पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली कैलाशो की कोख को पार कर गई, उसकी चीख सुनकर निकट ही सो रही उसकी ताई सुशीला पत्नी इतवारी लाल हड़बड़ा कर उठी तो हमलावरों ने उस पर भी फायर कर दिया।
हमलावरों की गोली उसके बाजू में लगी। निकट सो रहा गोकुल व अन्य परिजन उठे तो हमलावर भाग गए। आसपास के ग्रामीण भी आ गए। इस दौरान कैलाशों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और दोनों को राजकीय चिकित्सालय भेजा। यहां कैलाशो को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुशीला को अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका के भाई गोकुल की तहरीर पर गांव के ही प्रधान विजय सिंह यादव पुत्र मुरली सिंह यादव, उसके भाई गंगा प्रसाद यादव, वीरेश यादव पुत्र हरी सिंह यादव, उसके भाई सुधीर सिंह यादव को हत्या, हत्या की कोशिश और दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतका के परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले ही वीरेश सिंह व गोकुल सिंह के परिवारों के बीच विवाद हो गया था, जिसमें गोकुल ने वीरेश पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की थी। हालांकि उसमें फैसला भी हो गया था लेकिन घटना के पीछे इसी रंजिश को माना जा रहा है।