Sambhal Jama Masjid case
- फोटो : संवाद
मस्जिद के नजदीक भीड़ जमा होने पर आपत्ति
संभल जामा मस्जिद का सर्वे मंगलवार को पहले दिन हुआ था। बुधवार को काफी लोग मस्जिद के नजदीक पहुंचे। इस पर कमेटी के सदस्यों ने मस्जिद के बाहर भीड़ जमा होने पर आपत्ति की। एएसपी श्रीश्चंद्र से आपत्ति करते हुए कहा कि मस्जिद के नजदीक भीड़ लगना बेहतर नहीं है। इसलिए मीडिया को मस्जिद के नजदीक ज्यादा भीड़ न लगाने दी जाए। इससे आम लोगों को गलत फहमी हो रही है।
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सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी जामा मस्जिद
हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग सोशल मीडिया पर जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर को लेकर खूब चर्चा कर रहे हैं। मंगलवार की रात से यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चल रहा है। बुधवार को हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग अपने अपने तरीके से चर्चा कर रहे हैं। तरह तरह की टिप्पणी भी की जा रही हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि सोशल मीडिया पर भी पुलिस की निगरानी है।
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यदि किसी ने गलत तरह की टिप्पणी की या माहौल खराब करने का प्रयास किया तो पुलिस सख्ती से निपटेगी। इसलिए सोशल मीडिया पर निगरानी टीम कर रही है। कहा कि यदि कोई अफवाह फैलाकर माहाैल बिगाड़ने का प्रयास करे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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जामा मस्जिद के खाते में है कई करोड़ की संपत्ति
जामा मस्जिद ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ करोड़ों रुपये की संपत्ति भी इसके खाते में है। कृषि भूमि भी मस्जिद के नाम है। इस संपत्ति का ब्योरा कमेटी के पास रहता है। किराया भी कमेटी के पास ही जमा किया जाता है। संभल शहर में दुकानें और कृषि भूमि मस्जिद के नाम है।
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इसका सालाना किराया कमेटी के पास जमा किया जाता है। दुकानों का किराया महीने में मिलता है। पूरी कमेटी इसका हिसाब रखती है। वर्ष में इसका हिसाब भी किया जाता है। जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने बताया कि कमेटी के सभी सदस्यों के पास जिम्मेदारी है।
मस्जिद की संपत्ति का सारा हिसाब रखा जाता है। आय और व्यय का मिलान किया जाता है। लोगों का मानना है कि कई करोड़ की संपत्ति जामा मस्जिद की है। काफी संपत्ति तो मस्जिद के आसपास ही स्थित है।