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Sambhal Jama Masjid case: 498 वर्ष पुरानी है ऐतिहासिक इमारत, पुरातत्व विभाग का है 104 वर्ष से संरक्षण

Thu, 21 Nov 2024 03:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल की 498 वर्ष पुरानी जामा मस्जिद को लेकर विवाद सामने आया है। हिंदू पक्ष ने इसे हरिहर मंदिर बताते हुए वाद दायर किया है। अदालत ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर जांच के आदेश दिए है। सुरक्षा के मद्देनजर मस्जिद के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। 
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Sambhal Jama Masjid case - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल में जामा मस्जिद पुरातत्व विभाग के अनुसार 498 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है। इसकी निगरानी भी 104 वर्ष से पुरातत्व विभाग की ओर से की जा रही है। लगातार टीम सर्वे करने के लिए भी आती है। बिना अनुमति के कोई कार्य किया नहीं जा सकता है।
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संभल जामा मस्जिद का उल्लेख बाबर नामा में मिलता है। 1526 में मीर बेग ने इस मस्जिद का निर्माण कराया था। बाबर के आदेश पर इसका निर्माण किया गया था। उस समय बाबर ने हुमायूं को संभल जागीर दी थी। हालांकि बाद में हुमायूं के बीमार होने के बाद वह संभल जागीर से लौट गया था। 

वहीं दूसरी ओर हिंदू पक्ष का वाद में कहना है कि मंदिर को खंडित कर मस्जिद का निर्माण किया गया। उस समय बाबर के इशारे पर ऐसा किया गया। आइन ए अकबरी में भी इस मस्जिद का उल्लेख किया गया है।
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भगवान कल्कि का अवतार संभल में होगा, स्कंद पुराण में है उल्लेख
स्कंद पुराण हिन्दू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों में सबसे बड़ा पुराण है। इस पुराण में उल्लेख है कि कलियुग में भगवान कल्कि का अवतार संभल में होगा। मंडलीय गजेटियर 1913 में भगवान विष्णु के प्रसिद्ध मंदिर होने का भी जिक्र है। इसमें मोहल्ला कोटपूर्वी के नजदीक दर्शाया गया है। साथ ही उल्लेख किया गया है कि अब मंदिर अस्तित्व में नहीं है। वाद में गजेटियर का भी उल्लेख किया गया है।

Sambhal Jama Masjid case - फोटो : संवाद
मस्जिद से एक ईंट जांच के लिए ले जाने की चर्चा
सर्वे कमीशन ने मस्जिद की पुरानी दीवार से एक ईंट का टुकड़ा भी जांच के लिए लिया है। यह चर्चा शहर में बनी हुई है। चर्चा है कि इस ईंट की जांच से इसकी सही जानकारी सामने आ सकती है कि कितने वर्ष पहले यह ईंट लगी थी। पूरी मस्जिद की वीडियोग्राफी की समीक्षा भी की जा रही है। दीवारों पर जो साइन हैं उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट ने कहा कि वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी तो की गई है लेकिन ईंट नहीं ले गए हैं। यह चर्चा गलत चल रही है।
 

Sambhal Jama Masjid case - फोटो : संवाद
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी जामा मस्जिद
हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग सोशल मीडिया पर जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर को लेकर खूब चर्चा कर रहे हैं। मंगलवार की रात से यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चल रहा है। बुधवार को हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग अपने अपने तरीके से चर्चा कर रहे हैं। तरह तरह की टिप्पणी भी की जा रही हैं। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि सोशल मीडिया पर भी पुलिस की निगरानी है। यदि किसी ने गलत तरह की टिप्पणी की या माहौल खराब करने का प्रयास किया तो पुलिस सख्ती से निबटेगी। इसलिए सोशल मीडिया पर निगरानी टीम कर रही है।

 
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Sambhal Jama Masjid case - फोटो : संवाद
मंगलवार को कब क्या हुआ
सुबह 11 बजे- वाद दायर किया
दोपहर 1 बजे- सुनवाई हुई
शाम 4 बजे- कोर्ट कमिश्नर का आदेश हुआ
शाम 5 बजे- जिला जज ने फाइल देखी
शाम 5.30 बजे- वादी और कोर्ट कमिश्नर डीएम से मिले
शाम 6 बजे- कोर्ट कमिश्नर सर्वे के लिए संभल जामा मस्जिद पहुंचे
रात 7.30 बजे- सर्वे कर बाहर आए

एक कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरआरएफ की एहतियाती तौर पर संभल में मुस्तैद की है। कई थानों की फोर्स लगाई है। भ्रमण कर लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह किया है। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल

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