मानसून की पहली बारिश हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिक भी अच्छी बारिश की उम्मीद जता रहे हैं। तेज बारिश में जलभराव से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसके अलावा चंदौसी शहर में दस से अधिक स्थानों पर मैनहोल खुले हैं। इनमें कहीं जाल गायब, तो कहीं सीमेंट के ढक्कन (पटले) तिरछे लगे हैं। इसके अतिरिक्त छह से अधिक स्थान ऐसे हैं, जहां लोहे के जाल जर्जर हो गए हैं। बरसात में जलभराव होने पर मैनहोल नहीं दिखाई नहीं देते हैं, जो हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं। शहर में कई स्थानों पर दो से साढ़े तीन फीट तक जलभराव होता है। कुछ मैनहोल ऐसे हैं, जिनमें व्यक्ति गिर जाए तो उसकी मौत भी हो सकती है। लेकिन पालिका ने बरसात से पहले इन मैनहोल को कवर करने का प्रयास नहीं किया। पालिका की लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
इन स्थानों पर खुले हैं मैनहोल व टूटे हैं ढक्कन
शहर के आवास विकास चौराहे पर दो स्थानों, आवास विकास कालोनी, वेयर हाउस के सामने, हनुमानगढ़ी मार्ग, सीता रोड, मोहल्ला होली, प्रगति विहार, मुरादाबाद गेट, कुरैशियान मोहल्ला, मोहल्ला गोपाल, रुस्तगी मोहल्ला आदि स्थानों पर खुले मैनहोल हादसों को दावत देते नजर आ रहे हैं।
आए दिन मैनहोल में गिरकर लोग हो रहे चोटिल
चंदौसी नगर पालिका की आबादी करीब 1.30 लाख है। बरसात में पानी निकासी का न होना जलभराव का कारण बनती है। शहर में दस से अधिक स्थानों खुले मैनहोल हादसों का कारण बन रहे हैं। पैदल चलने वाले, ई-रिक्शा चालक, साइकिल सवार, बाइक सवार इनमें फंसकर चोटिल हो रहे हैं।
लोहे के जाल गायब कर रहे नशेड़ी
नगर में मैनहोलों पर लोहे के जाल लगे थे। नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक मैनहोलों पर लोहे के ढक्कन लगाए जाते हैं, जिन्हें एक दो दिन में ही रात के समय नशेड़ी उखाड़कर ले जाते हैं और बेचकर नशे की जरूरतें पूरी करते हैं। यह रात के समय मेनहालों के ढक्कन को चोरी करते हैं।
मैं हाल में ही चंदौसी में तैनात हुआ हूं। मैने स्वयं इसे संज्ञान में लिया है तथा सभी खुले मैनहोल को चिह्नित कर बंद कराने के निर्देश दिए हैं। उन्हें सीमेंट के ढक्कन से बंद कराया जा रहा है। मौसम साफ रहा, तो दो-तीन दिन में ही खुले मैनहोल बंद करा दिए जाएंगे।
विजयपाल सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, चंदौसी