चंदौसी/जनेटा। बदायूं जिला कारागार में बंद थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव जनेटा निवासी बंदी ओमवीर की शुक्रवार को मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव घर नहीं ले जाने दिया और पुलिस निगरानी में सीधे श्मशान ले जाकर अंतिम संस्कार करा दिया।
ओमवीर मूल रूप से हापुड़ जिले के गांव बजेरा कलां का रहने वाला था। वह कई वर्षों से परिवार सहित जनेटा गांव में रह रहा था। बदायूं जिले के इस्लामनगर क्षेत्र में 19 मई को हुई लूट और डकैती की घटना में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। 26 मई से बदायूं जिला जेल में निरुद्ध था। परिजनों के अनुसार ओमवीर लंबे समय से लिवर की बीमारी से पीड़ित था।
मृतक की पत्नी इंद्रवती ने बताया कि शुक्रवार रात जेल प्रशासन की ओर से फोन पर पति की मौत की सूचना दी गई। शनिवार को वह अपनी बेटी के साथ बदायूं पहुंचीं। पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव लेकर गांव लौट रही थीं कि नरौली पुलिस ने गांव पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस को रोक लिया और शव घर ले जाने की अनुमति नहीं दी।
उनका कहना है कि पुलिस शव को सीधे श्मशान ले गई, जहां अपनी निगरानी में अंतिम संस्कार करा दिया गया। आरोप है कि इस कारण वे अपने समाज की परंपराओं और रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार नहीं कर सके। फिलहाल जेल प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सीओ विवेक जावला ने बताया कि जानकारी मिली थी कि मृतक का कोई नहीं है। वह बदायूं जिले का रहने वाला है और यहां उसके रिश्तेदार रहते हैं। जिस कारण पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करा दिया गया।