संभल। गांवों में सफाई कार्य के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। कुछ गांवों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर गांवों में हालात यह हैं कि नालियां गंदगी से भरी हैं और पानी सड़क किनारे से बह रहा है। इससे कीचड़ फैल रहा है। जलभराव से हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। आने-जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों और तमाम अभियानों के बावजूद इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है।
पवांसा ब्लॉक के 29, बहजोई के 13 और संभल ब्लाक के 10 गांवों के मुख्य मार्गों और गांव की गलियों में कीचड़ जलभराव और गंदगी फैली हुई है। कई गांव में तो कई महीने से ही मुख्य मार्ग पर जलभराव है। इसके बावजूद प्रधान, पंचायत सचिव और सफाई कर्मचारी बेपरवाह हैं। सवाल यह है कि क्या ऐसे पंचायतें स्वच्छ बन सकेंगी। जबकि शासन से लगातार प्रत्येक ग्राम पंचायत को स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिलाधिकारी भी लगातार पंचायत राज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को गांव के मुख्य मार्ग पर फैल रही गंदगी और जलभराव की समस्या का समाधान करने का आदेश दे रहे हैं बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीण समस्या झेल रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हैं तो फर्जी निस्तारण कर दिया जाता है।
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इन गांवों में फैली है गंदगी और कीचड़
पवांसा ब्लॉक के साकिन शोभापुर मुंजब्ता, बिजपुरी, सांरगपुर, औरंगपुर सिलौटा, बहादुरपुर सराय उर्फ रायपुर, साकिन शोभापुर खालसा, सौंधन मोहम्मदपुर, मल्लाह मुस्तफाबाद, लखनपुर, भमौरी पट्टी, गौहत, रझेड़ा सलेमपुर, नूरपुर ततारपुर, शकरपुर तारनपुर, मुजाहिदपुर, सिहावली, लधनपुर शाहवाजपुर, नगलिया बल्लू, नसीरपुर, धतरा, थरैसा जयसिंह, सैंण्डा, कासमपुर जगरूप, औरंगाबाद देवरी, काजी बहेटा, अल्लीपुर बुजुर्ग, नगला खाकम, ऐंजरा, छछैरा, तिगरी हैं। बहजोई ब्लॉक के 13 गांव किरारी, चाटन, श्यौराजपुर की मढैया, चंदनकटी मौजा, बरखेड़ा सोनक, श्यौराजपुर, कुंवरपुर, प्रतापपुर, पगोन, बडैरिया, मुल्हेटा, बल्लमपुर, फरीदपुर खुशहाल हैं। जबकि संभल ब्लाक क्षेत्र के गांव ईसापुर सुनवारी, बहरामपुर की मढ़ैया आदि शामिल हैं।