चंदौसी/जनेटा। रमजानुल मुबारक के महीने की फजीलत और महत्व हर एतबार से दूसरे महीनों से सबसे जुदा और अधिक है। रमजान के महीने को अल्लाह ने खास अजमत अता फरमाई है। हर तरह इसकी अहमियत को दूसरे महीनों पर बुलंद रखा गया है।
रमजान के महीने में खर्च किए गए एक रुपये का 70 रुपये के सवाब यानी 70 गुना सवाब मिलता है। एक नेकी करने का बदला अल्लाह रमजान की बरकत से अपने बंदे को सत्तर गुना अता फरमाता है। हर इबादत का सवाब अल्लाह रमजान के महीने में सत्तर गुना फरमा देता है।
चंदौसी के गांव जनेटा शरीफ के मुफ्ती सैय्यद रिहान मियां मोअज्जमी मंजरी ने रमजानुल मुबारक के हवाले से बताया कि हदीस में अल्लाह के रसूल इरशाद फरमाते हैं कि रमजान के महीने में अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमत और बरकतों को नाजिल फरमाता है। रमजान के महीने में हर इबादत का सवाब सत्तर गुना कर दिया जाता है। अल्लाह के रसूल ने इरशाद फरमाया है कि गरीबों का बेहद ख्याल रखा जाय। कमजोर और बेसहारा लोगों को किसी तरह की तकलीफ नहीं पहुंचनी चाहिए।