मां को लेकर घर आ गया। घर आने के बाद शनिवार को रात महिला ने दम तोड़ दिया।
तहसील क्षेत्र के गांव बैला निवासी गुड्डो (50वर्ष) को बीस दिन पहले बुखार आ गया था। पीड़ित परिवार के पास अच्छे डॉक्टर से उपचार कराने के लिए रुपये नहीं थे। ऐसे में गुड्डो का गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर से उपचार चल रहा था। जब हालत नहीं सुधरी तो गांव के लोगों ने चंदा एकत्र कर 15,000 रुपये उपचार कराने के लिए पीड़ित परिवार को दे दिए।
इसके बाद गुड्डो का बेटा उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में ले गया। वहां पर पांच दिन तक उपचार हुआ। चंदे के साथ उसके घर की जमा पूंजी भी खर्च हो गई। ऐसे में दो दिन पहले बेटा मां को लेकर गांव आ गया। शनिवार को देर रात महिला हालत ज्यादा खराब हो गई। उसकी मौत हो गई। मौत से परिवार में कोहराम मचा है। तहसीलदार अरविंद तिवारी से जब बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि गरीबी के चलते महिला का उपचार न हो पाने के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। इस संबंध में वह तथ्यों की जानकारी करेंगे।
सिरसी में बुखार से युवक की गई जान
संभल। सिरसी में एक युवक की बुखार से मौत हो गई। जबकि 100 से अधिक लोग विभिन्न मोहल्लों में बुखार से पीड़ित हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम सिरसी नहीं पहुंच रही है। पिछले दो माह से ग्रामीण क्षेत्र में बुखार का प्रकोप चल रहा है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ न मिलने के चलते लोगों की जान पर बन आई है। सिरसी के मोहल्ला सराय सादक निवासी नबाव हैदर का बेटा मोहम्मद अली को सात दिन पहले बुखार आया था।
मोहम्मद अली को बुखार आने के बाद परिजनों ने उसका उपचार सिरसी में ही एक झोलाछाप डॉक्टर से कराया। शनिवार को हालत में सुधार न होने पर परिजन मोहम्मद अली को मुरादाबाद के निजी अस्पताल में लेकर गए। लेकिन डॉक्टर का उपचार शुरू होने से पहले ही मोहम्मद अली की मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। साथ ही सिरसी कस्बे में 100 से अधिक लोग बुखार से तप रहे हैं। बुखार के प्रकोप को चलते हुए दो माह हो गए है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम में कस्बे में जाकर लोगों का हाल नहीं जाना है। लगातार हो रही मौतों से लोगों में बुखार की दहशत फैल गई है।