बदायूं के युवक सतीश यादव के अपहरण के बाद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के निर्वाचन क्षेत्र रहे गुन्नौर में सपाई कुनबे की कलह फलक पर आ गई। अपहर्ता को पकड़ने गए पुलिसकर्मी से विधायक की कोठी पर पिटाई के बाद विधायक राम खिलाड़ी के विरोधी सक्रिय हो गए। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पूर्व एमएलसी ऋषिपाल सिंह दद्दा और पूर्व मंत्री अजीत कुमार राजू कोतवाली पहुंच गए। इसके चलते पुलिस को विधायक समेत सोलह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
कभी सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के प्रतिनिधित्व करने से राष्ट्रीय फलक पर सपा के गढ़ के रूप में जाने जा रहे गुन्नौर क्षेत्र में अब हालात बदल चुके हैं। सपा मुखिया के भतीजे धर्मेंद्र यादव के संसदीय क्षेत्र बदायूं का गुन्नौर वर्तमान में भी हिस्सा है। सालभर पहले कीरतपुर में सांसद के सामने पूर्व मंत्री अजित कुमार राजू तथा हाल ही में बबराला में उनके सामने पूर्व एमएलसी ऋषिपाल सिंह दद्दा विधायक पर अपनी भड़ास निकाल चुके हैं।
अब गुरुवार को जैसे ही विधायक की कोठी पर अपहृत व अपहरणकर्ता की मौजूदगी की सूचना मिली तो विरोधी सक्रिय हो गए। बबराला पुलिस चौकी का एक जोशीला कांस्टेबल सतेंद्र यादव आरोपी को पकड़ने कोठी के अंदर तक चला गया। जहां उसके साथ मारपीट हो गई।
विरोधियों को घर बैठे मौका हाथ लग गया। पूर्व मंत्री अजित कुमार राजू व पूर्व एमएलसी ऋषिपाल दद्दा तो अपने समर्थकों के साथ कोतवाली तक भी पहुंच गए। यही कारण रहा कि विधायक के खिलाफ टालमटोल करने वाली गुन्नौर कोतवाली पुलिस को विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ गई।
यह चुनावी मौका है, अजित कुमार राजू खुद के लिए टिकट मांग रहे तो ऋषिपाल सिंह दद्दा अपने पौत्र सुमित यादव की सियासी पारी शुरू कराने की पुरजोर कोशिश में जुटे हैं। वहीं खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रदीप यादव उर्फ गुड्डू यादव भी टिकिट की दावेदारी कर रहे हैं।
-मामला सिर्फ शादी करने के लिए लिए गए रुपये वापस करने का था, लेकिन उससे मेरा कोई मतलब नहीं था। जब पुलिस कर्मी कोठी पर गया तो मैं वहां मौजूद ही नहीं था, ना ही कोई मारपीट की गई लेकिन विरोधियों के दबाव में पुलिस ने मेरे खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कर ली है, जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। -राम खिलाड़ी सिंह यादव विधायक गुन्नौर