संभल। जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताने के दावे का सर्वे पूरा हो गया है। अब कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव द्वारा अपनी रिपोर्ट 29 नवंबर को न्यायालय में पेश करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का कहना है कि 29 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करनी है।
दरअसल 19 नवंबर को हिंदू पक्ष की ओर से न्यायालय में वाद दायर किया गया था। उसमें उन्होंने हरिहर मंदिर होने का दावा किया है। न्यायालय ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करते हुए 29 नवंबर को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसी आदेश के क्रम में मंगलवार को कोर्ट कमिश्रर ने मस्जिद पहुंचकर सर्वे भी किया था। करीब डेढ घंटे तक वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई थी। रविवार को दूसरी बार सर्वे करने के लिए कोर्ट कमिश्नर पहुंचे थे। बवाल शुरू होने के बाद भी सर्वे कोर्ट कमिश्नर द्वारा जामा मस्जिद कमेटी के साथ किया जाता रहा। सर्वे पूरा होने के बाद कोर्ट कमिश्नर को पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में बाहर निकाला।
हरिहर मंदिर का वाद दायर करने में यह हैं वादी-
इस वाद को दायर करने में वादीगण में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन, पर्थ यादव, महंत ऋषिराज गिरि, राकेश कुमार, जीतपाल सिंह यादव, मदनपाल, वेदपाल और दीनानाथ शामिल हैं। हरिशंकर जैन के बेटे विष्णु शंकर जैन इस मामले में अधिवक्ता के तौर शामिल हैं।
कोट
कोर्ट कमिश्नर का सर्वे अब पूरा हो गया है। कोर्ट कमिश्नर द्वारा अब रिपोर्ट 29 नवंबर को न्यायालय में पेश की जाएगी। यदि कोर्ट कमिश्नर अपनी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाते हैं तो समय बढ़ाने का आग्रह न्यायालय से किया जाएगा। -विष्णु शंकर जैन, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट