संभल। हाईकोर्ट ने नगरपालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद की गिरफ्तारी पर 22 फरवरी तक के लिए रोक लगा दी है। पूर्व चेयरमैन के खिलाफ वाहन खरीद में गबन करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वाहन कौसर अहमद के कार्यकाल के दौरान ही खरीदे गए थे। गबन करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले में जांच के आदेश दिए। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई हुई थी।
दरअसल, पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद पर आरोप है कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका परिषद द्वारा 84.42 लाख की कीमत के कई वाहनों की खरीद की गई थी। खरीदे गए वाहनों में जेसीबी, क्रेन और अन्य वाहन शामिल हैं। इन वाहनों की खरीद में गबन किया गया। इसकी शिकायत 2017 में कोटपूर्वी निवासी मुकेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। नगर विकास विभाग द्वारा जांच के लिए जिलाधिकारी को आदेश किए गए थे। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद कार्रवाई की गई थी। इस जांच रिपोर्ट के मुताबिक 8,442500 रुपये की धनराशि का आधा भाग 42,21250 रुपये की वसूली की जानी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने ईओ नगर पालिका को कार्रवाई कराने के लिए आदेश किए थे।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी रामपाल ने तहरीर देकर कार्रवाई का आग्रह किया था, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पूर्व चेयरमैन ने इस प्रकरण में हाईकोर्ट की शरण ली। उच्च न्यायालय में अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने 22 फरवरी तक रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने जांच रिपोर्ट तलब की है। वहीं, अधिशासी अधिकारी रामपाल यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय के जो आदेश हैं, उनके अनुरूप जवाब दाखिल कराया जाएगा।