रजपुरा। कस्बे में ब्लॉक के सामने पुलिस चौकी बनाने के लिए लेखपाल भवन तोड़ने पर राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन आमने-सामने आ गया है। राजस्व विभाग ने बिना अनुमति के भवन तोड़ने का आरोप लगाया। वहीं सीओ ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
रजपुरा में मुख्य चौराहे पर लेखपाल और कानूनगो कार्यालय बना था। जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते थे। साथ ही सरकारी कार्य भी निपटाते थे। दस दिन पहले इस भवन को पुलिस चौकी के निर्माण के लिए तोड़ दिया गया। कानूनगो अनिल कुमार ने इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस पर बिना अनुमति के भवन तोड़ने का आरोप लगाया। सामने आया कि भवन तोड़ने के लिए लिखित में किसी भी तरह की अनुमति पुलिस विभाग ने नहीं ली है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर किस की अनुमति से सरकारी भवन को तोड़ दिया गया। फिलहाल तहसील प्रशासन ने मामले में जांच की बात कही है।
सरकारी भवन तोड़ने से पहले होता है मूल्यांकन
नियम के अनुसार जब कोई सरकारी बिल्डिंग जर्जर हो जाती है तो उसका मूल्यांकन कराया जाता है। इसके बाद ही बिल्डिंग तोड़ी जाती है। साथ ही पुरानी बिल्डिंग की नीलामी प्रक्रिया भी कराई जाती है।
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वर्जन
फिलहाल रजपुरा में पुलिस चौकी बनने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। किसके आदेश से सरकारी भवन तोड़ा गया है। इसकी जानकारी करेंगे।
-दीपक तिवारी, सीओ गुन्नौर
लेखपाल भवन तोड़ने के लिए लिखित में कोई अनुमति नहीं ली गई है। थाना दिवस में मामला संज्ञान में आया है। इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
-बबलू कुमार, नायब तहसीलदार गुन्नौर