संभल। जिले की 670 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति होनी है। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर जनसेवा केंद्र संचालित करने वाले संचालकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को नियुक्ति में प्राथमिकता देने की मांग उठाई है। संचालकों का कहना है कि सरकार कंप्यूटर निरक्षर के हाथों हाईटेक ग्राम सचिवालयों की कमान सौंपने के लिए तैयार है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियुक्ति में प्राथमिकता नहीं मिली तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
डिप्टी कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि साल 2017 में सीएसी वाई फाई चौपाल के नाम पर 11800 रुपये लिए गए और बताया गया कि सभी को 2500 रुपये महीन के हिसाब से मानदेय और पंचायत भवन में नियुक्त किया जाएगा। लेकिन इसका लाभ किसी भी बीएलई को नहीं मिल सका। जबकि जनसेवा केंद्र संचालकों ने तमाम सरकारी योजनाओं को घर-घर जाकर इसलिए ही पहुंचाया कि भविष्य में उन्हें पंचायत भवनों में नियुक्त किया जाएगा। लेकिन अब संचालकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। पुराने लोगों को हटाकर नए लोगों को जोड़ने की तैयारी शासन की ओर से की गई है।
जनसेवा केंद्र संचालकों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाए अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान दीपचंद्र, पंकज कुमार, विशाल शर्मा, नवाब अली, फहीम, मनोहर सैनी, नीरज कुमार आदि ने कहा कि सरकार ने नियुक्ति के लिए जो शासनादेश जारी किया है, उसमें इस पद के कार्य व दायित्व का भी विस्तार से विवरण दिया गया है। इसमें इस तरह के कार्य शामिल हैं, जिनका क्रियान्वयन कंप्यूटर से जुड़ी अच्छी जानकारी रखने वाले कर्मी ही कर सकते हैं। लेकिन शासनादेश में कंप्यूटर ज्ञान से संबंधित अर्हता का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया है।