यह इस खास मुद्रा और ऊंचाई वाली देश की पहली गणेश प्रतिमा होगी। इसे बिना किसी मूर्तिकार और शुल्क अदायगी के गणेश रथयात्रा की प्रतिमाएं बनाने वाले स्थानीय लोग ही डा.गिरिराज किशोर के निर्देशन में तैयार कर रहे हैं।
मेला श्रीगणेश चौथ ग्राउंड में बीस साल पहले से एक श्रीगणेश की प्रतिमा मेला संयोजक डा.गिरिराज किशोर व उनके सहयोगी स्थानीय लोगों जो मूर्तिकला में भी पारंगत हैं ने बनाई थी लेकिन शायद उसमें कोई तकनीकि खराबी रह गई थी, जिसके कारण करीब बारह साल पहले वह धराशाई हो गई।
डा.गिरिराज किशोर बताते हैंकि प्रतिमा को तोड़ने के लिए जेसीबी व अन्य मशीनों का इस्तेमाल किया गया लेकिन प्रतिमा नहीं टूटी लेकिन एक दिन काफी ते बरसात हुई, वहां पर पानी भर गया, लगा कि भगवान श्रीगणेश स्वयं की विसर्जन ले रहे हैं, उसी दौरान वह प्रतिमा धरती में समा गई। यह देखकर सभी अचंभित भी हुए। सभी दिलों में विचार आया कि अब एक ऐसी प्रतिमा तैयार की जाए, जो देश में कहीं अन्य स्थान पर न हो। करीब दस साल पहले डा.गिरिराज किशोर के निर्देशन में गणेश आश्रम में 140 फिट ऊंची प्रतिमा की शुरुआत की गई।
जिसकी मुद्रा एक पैर पर खड़े होने व नृत्य करने की है। बीते दस साल सालों से सभी अपना थोड़ा थोड़ा समय इस गणेश मूर्ति को बनाने में लगाते हैं। बिना किसी शुल्क के सभी गणेशप्रेमी स्वयं सेवक ही इसका निर्माण कर रहे हैं।