संभल के सैफ खां सराय निवासी सलमान हाथ में तिरंगा लिए यूक्रेन में हंगरी बॉर्डर पर अपने साथी छात्रो
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यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी खारकीव और कीव हो रही है। हालांकि मंगलवार को खारकीव की यूनिवर्सिटी से निकलकर संभल के पांच छात्रों ने पैदल ही पांच किलोमीटर की दूरी तय की और वह हंगरी बॉर्डर के लिए ट्रेन से निकल गए। इसके बाद वह ट्रेन से 12 घंटे का सफर तय कर हंगरी बॉर्डर से करीब 250 किलोमीटर दूर पहुंच गए। यहां से छात्र बुधवार देर रात तक बस से हंगरी के बॉर्डर पर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दस से पंद्रह किलोमीटर का सफर और तय करना है। फिर यूक्रेन के पड़ोसी देश हंगरी पहुंच सकेंगे।
छात्रों ने परिजनों को बताया कि भारतीय छात्रों से यूक्रेन के लोग बसों में भी हवाई जहाज के बराबर किराया वसूल रहे हैं। छात्रों का दावा है कि 4000 रुपये वसूल कर हंगरी बॉर्डर के लिए एक छात्र को बस में बैठाया है। रास्ते में न खाना मिल रहा है और न पानी। जो नमकीन, बिस्किट पास में हैं, उन्हीं से भूख को काबू किया जा रहा है।
गांव मदाला निवासी मोहम्मद असरार ने बताया कि उनका बेटा अदनान, भतीजा मोहम्मद आतिफ, बदरूद्दीन एक साथ खारकीव शहर की वीएन राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। यूक्रेन के हालात बिगड़े तो सभी भारतीय छात्र हॉस्टल से निकल पड़े। वहीं दीपा सराय निवासी छात्रा अरूबा और गांव हाजीपुर निवासी मोहम्मद शादमान भी साथ हैं। यह सभी एक ही साथ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं।
मोहम्मद इमरान ने बताया, उनके बेटे मोहम्मद शादमान ने उन्हें संदेश भेजकर बताया है कि बस में एक छात्र से 4000 रुपये वसूले जा रहे हैं। खाना तो पास नहीं है, लेकिन नमकीन, बिस्किट से खाकर काम चला रहे हैं। इन हालातों के बीच परिजनों को उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द स्वदेश पहुंचेगा। वहीं सैफ खां सराय निवासी सलमान हंगरी बॉर्डर पर पहुंच चुका है। एयरपोर्ट के लिए वह अपने साथियों के साथ है। फिलहाल यूकेन में फंसे सभी छात्रों के परिजन सारा दिन टीवी पर नजरें लगाए रहे। यूक्रेन पर हमले की खबर से परिजनों के होश उड़ जाते हैं। परिजन बेटों और बेटियों की सकुशल वापसी के लिए दुआ मांग रहे हैं।