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13 वर्षों से संभल के गैरतपुरा के लोगों को स्वच्छ पानी मिलने का इंतजार

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ओबरी गांव में बना ओवर हेड टैंक। - फोटो : SAMBHAL
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संभल। स्वच्छ जल की जरूरत संभल के गैरतपुरा, गांव सैफखां सराय और ओबरी के लोगों की एक दशक बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इन इलाके में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक बनवा दिए और पाइप लाइन भी बिछ चुकी है। इसके बाद भी आपूर्ति घरों तक नहीं पहुंची। हैंडपंपों से निकलने वाला पीला और दुर्गंध युक्त पानी ही पीने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन का कहना है कि बजट के अभाव में अंतिम चरण का काम रुका हुआ है। जैसे ही बजट मिलेगा काम पूरा होगा। वहीं, निर्माणाधीन भवन अब जर्जर होने लगे हैं।
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2009 में गैरतपुरा में बसपा कार्यकाल के दौरान जल निगम द्वारा 30 लाख क्यूसेक क्षमता के ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया, लेकिन तेरह वर्ष बीत जाने के बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। संपन्न लोग सबमर्सिबल से काम चला रहे हैं तो वहीं आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूर पेशा लोग दूसरों के घरों से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। लोगों ने बताया कि गैरतपुरा के ओवरहेड टैंक से मोहल्ला दीपासराय, हिंदपुरा खेड़ा, तिमरदास सराय, खग्गू सराय, हातिमसराय, शहबाजपुरा, रूकनुद्वीन सराय, महमूद खां सराय में पानी की सप्लाई होनी थी। स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों से कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी ओर, ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत ओबरी गांव में वर्ष 2013 में ढाई करोड़ की लागत से चार लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के चलते अभी तक चालू नहीं किया गया है। दो माह पहले टेस्टिंग हुई। जिसके चलते जगह-जगह लीकेज हुई। पानी निकला तो लोगों ने विरोध किया। जिसके बाद काम फिर से अधर में लटक गया। शोपीस बने इस ओवरहेड टैंक की रखवाली के लिए विभाग ने भी एक चौकीदार तैनात कर रखा है।
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ओवरहेड टैंक से जल आपूर्ति के लिए गांव में पाइप लाइन भी डाल दी गई। लेकिन, उसमें पानी नहीं आता। ग्रामीणों के मुताबिक निजी और सरकारी हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है। संभल से सटे गांव सैफ खां सराय में भी मल्टी सेक्टोरल डवलपमेंट प्लान के अंतर्गत 20000 की आबादी को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया। यह कार्य अब तक 65 फीसदी ही हो सका है। अब धन के अभाव में लटका हुआ है।
शासन स्तर से धन का आवंटन होना है। प्रशासन इसके लिए प्रयासरत है। जल निगम के पत्राचार करके इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके।
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रमेश बाबू, एसडीएम, संभल
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