संभल। जिले के करीब दो हजार लोग इस समय सऊदी अरब में मौजूद हैं। इनमें से कई लोग उमरा करने गए थे, जबकि बड़ी संख्या में युवा वहां काम करते हैं। एयरलाइंस बंद होने के कारण कुछ लोगों की वापसी में बाधा आ रही है, जिससे उनके परिजन चिंतित हैं। कम ही लोगों का परिजनों से अब संपर्क हो पा रहा है। इसके चलते परिजनों में खलबली मची हुई है।पिछले महीने 20 से 30 लोग उमरा के लिए सऊदी अरब गए थे। इस महीने भी कुछ लोग उमरा करने के लिए वहां पहुंचे हैं। गांव जनेटा के एक मां-बेटा एक सप्ताह पहले सऊदी अरब से लौटने वाले थे। हालांकि, एयरलाइंस बंद होने के कारण वे वापस नहीं आ सके हैं। सोमवार से उनके परिजनों का उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पाया है। जिले के सिरसी, सैफखां सराय और नूरियो सराय जैसे देहात क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा सऊदी अरब में काम करने गए हैं। इन सभी युवाओं के परिजनों को उनकी सुरक्षा और वापसी को लेकर गहरी चिंता सता रही है। जिला प्रशासन इस पूरे मामले में निगरानी कर रहा है। जिले से कितने युवा गए हैं इनका डाटा तैयार कराया जा रहा है। हालांकि अभी भारत सरकार की ओर से कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है।
सिरसी के लगभग 200 युवा सऊदी अरब में नौकरी कर रहे हैं। इनमें अकेले मोहल्ला गिन्नौरी से 100 से ज्यादा युवा शामिल हैं। मोहल्ला शर्की, चौधरियान और सादक सराय के भी काफी युवा वहां काम कर रहे हैं।
इन युवाओं के परिजन बता रहे हैं कि सऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच चल रही लड़ाई से चिंता है। बताया कि रियाद और दम्माम में रह रहे लोगों के लिए सबसे ज्यादा चिंता है। इन शहरों में हूतियों के सबसे अधिक हमले हो रहे हैं। रियाद में रह रहे लोगों ने बताया कि रोजाना तड़के तीन-चार बजे के करीब हूतियों के ड्रोन और मिसाइलें आती हैं। मोहम्मद रेहान ने बताया कि उनके बेटे शान मोहम्मद रियाद में रहते हैं। उनसे कल ही बात हुई थी, उन्होंने हूतियों के हमलों की जानकारी दी है।