बबराला (संभल)। औषधि विभाग और खाद्य विभाग की टीम ने सोमवार को पुलिस के साथ बबराला की लेखपाल कॉलोनी में एक मकान पर छापा मारकर पशुओं की नकली दवाई बनाने की फैक्टरी पकड़ी। टीम ने एक आरोपी को मौके पर दबोचने के साथ ही 1.09 लाख रुपये की नकली दवाई जब्त की। साथ ही दवाई पैकिंग करने की मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए।
सोमवार को दोपहर करीब दो बजे औषधि निरीक्षक जयनेंद्र कुमार व खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुलदीप कुमार ने बबराला में लेखपाल कॉलोनी में पशुओं की नकली दवाई बनाने की फैक्टरी पर छापा मारा। टीम ने मौके पर मिले एक युवक को हिरासत में ले लिया गया। कमरों में भारी मात्रा में पशुओं की नकली दवाई (गुरुवेट, वेट कंपनी की पशुओं की सीरप, एनएस इंजेक्शन, पाउडर, कैल्शियम की शीशी, टेबलेट, लीवर आदि) मिली। कैल्शियम पांच लीटर की केन, दो लीटर व एक लीटर की बोतल में भी मिला है। दवाइयों पर मैन्यूफैक्चरी का स्थान दर्ज नहीं था। इसके अलावा शीशी पर सील लगाने वाली पैकिंग मशीन व अन्य कुछ उपकरण मिले। कुछ टीम ने वहां मिली सभी दवाई कब्जे में ले ली। टीम दवाइयों को 12 कार्टून में भरकर कोतवाली ले गई। वहां उनकी छंटाई व गिनती की जा रही है। पकड़े गए गांव मडकावली निवासी दिनेश ने स्वयं को फैक्टरी का मालिक बताया। बिहार से दवा बनाने का लाइसेंस लेने की बात कही है। हालांकि टीम को वह कोई भी प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाया। बताया कि बदायूं व बुलंदशहर जनपद में दवा की सप्लाई करता था।
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बबराला में एक मकान में पशुओं की नकली दवाई मिली है। वहां 12 कार्टून दवाई के साथ शीशी सील मशीन, पॉलीथिन पैकिंग मशीन भी बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ ड्रग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। -जयेंद्र कुमार, औषधि निरीक्षक संभल।
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दस साल बिहार दवाई फैक्टरी में किया काम, अब खुद बनाने लगा था दवाई
डेढ़ साल बबराला में किराए के मकान में कर रहा था काम, किसी को नहीं लगी भनक
यहां पकड़ा न जाए, इसके लिए बुलंदशहर और बबराला में नकदी दवाई करता था सप्लाई
नगर के शंकर ज्ञान वाली धर्मशाला के नजदीक पिछले डेढ़ साल से किराए के मकान में चल रही पशुओं की नकली दवा फैक्टरी की किसी को भनक नहीं ली। आरोप पकड़ा न जाए, इसके लिए दवाई की सप्लाई संभल जनपद में नहीं करता था। इसके लिए उसने बदायूं व बुलंदशहर को ठिकाना बना रखा था।
जुनावई के गांव मडकावली निवासी आरोपी दिनेश ने पुलिस व ड्रग इंस्पेक्टर को पूछताछ में बताया कि वह बिहार की गुरुवेट कंपनी की पशुओ की दवा फैक्टरी में काम करता था। वहां करीब दस साल तक काम किया। वहां से कच्चा माल मिल जाता था, तो उसे बबराला में आकर पैक कर लेता था।
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रैपर पर प्रोक्डक्शन का स्थान नहीं अंकित
दवाईयां पर प्रोडक्शन का स्थान अंकित नहीं है। मेक बाइड के आगे इनवेट फार्मा बीओ मुकुंद नगर अंधेरी मुम्बई लिखा हे।
कमरों की चाबी, ईंटों से तोड़े ताले,
बबराला। किराए के मकान में चल रही नकली दवाई के फैक्टरी में एक कमरे पर ताला लगा था। टीम ने के बार बार पूछने पर चाबी नहीं थी। इसके बाद टीम ने ईंट से ताले को तोडृा।
खाली शीशी, ढक्कन, पाउडर भी बरामद
टीम को मौके से काफी संख्या में छोटी बड़ी खाली शीशी ढक्कन, पॉलीथिन भी बरामद हुई है। इनको पैकिंग करने की मशीन भी मिली है।