गुन्नौर(संभल)। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव सिरौरा काजी में बुधवार को दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। चार लोगों को अलीगढ़ रेफर किया गया था। इसमें गंभीर रूप से घायल पातीराम (60) की शनिवार की सुबह अलीगढ़ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे परिजन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ एंबुलेंस से शव लेकर कोतवाली गुन्नौर पहुंचे और कोतवाली के बाहर एंबुलेंस रोक कर जाम लगाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने निष्पक्षता से कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों और ग्रामीणों को शांत किया।
गांव सिरौरा काजी में बुधवार को पातीराम के सरसों के खेत में होकर गांव के ही खुशीराम ने अपना ट्रैक्टर निकाला तो विवाद हो गया। दोनों पक्षों से लोग आ गए और गाली-गलौज के साथ लाठी-डंडे चले। इस संघर्ष में दोनों पक्षों से 12 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में एक पक्ष के धीरेंद्र, विनोद, सुरेश, राम गजेंद्र, अभयराज और दूसरे पक्ष से सत्यपाल, श्रीराम, रघुनंदन, सोहन, पातीराम, प्रेम सिंह के अलावा पांच-छह अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस खुशीराम, भगतराम, विनोद व श्रीपाल को जेल भेज चुकी है। वहीं खूनी संघर्ष में घायल बुजुर्ग पातीराम समेत चार लोगों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बुजुर्ग पातीराम की हालत में सुधार न होने पर मेडिकल कॉलेज से भी रेफर कर दिया। परिजन अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में उपचार करा रहे थे।
शनिवार की सुबह पांच बजे करीब पातीराम की उपचार के दौरान मौत हो गई। अलीगढ़ में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे और यहां से सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीणों के साथ गुन्नौर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली के बाहर एंबुलेंस रोक कर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स भी मौके पर तैनात हो गई। ग्रामीणों ने जाम लगाने की कोशिश की तो पुलिस और परिजनों व ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए एक मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जबकि दूसरे मार्ग से वाहनों का आवागमन सुचारू रखा।
परिजनों का आरोप है कि घटना में श्रीपाल के सिर में गंभीर चोट लगी थी, इसके बावजूद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस पर निष्पक्षता से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। सूचना पर सीओ आलोक सिद्धू कोतवाली पहुंचे और परिजनों से बातचीत की, जिसके बाद स्थिति शांत हो गई। करीब एक घंटे तक कोतवाली के बाहर हंगामे भरा माहौल बना रहा।
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मृतक के पुत्र ने गांव के ही सगे तीन भाइयों समेत अन्य के खिलाफ तहरीर दी
गुन्नौर। हंगामे के बाद कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में मृतक पातीराम के पुत्र ओमपाल ने बताया कि धीरेंद्र का खेत उनके खेत से सटा हुआ है। हमारे खेत में सरसों की फसल खड़ी है। खड़ी फसल में होकर धीरेंद्र, सुरेश व विनोद आदि ट्रैक्टर निकालकर कई बार ले गए। जिससे फसल में नुकसान हुआ। जब उसने विरोध किया तो चार दिसंबर की सुबह नौ बजे की उसके पिता पातीराम व अन्य परिवार वाले सत्यपालम, सोनू उर्फ सोनपाल, प्रेम सिंह, रघुनंदन, श्रीपाल अपने खेत में काम कर रहे थे। तभी एकराय होकर धीरेन्द्र, रामगजेंद्र, खुशीराम, विनोद, वीरेंद्र, सुरेश, नेमपाल, पुष्पेंद्र निवासी सिरौरा काजी आये और फिर से खेत में होकर ट्रैक्टर निकालने लगे। जब मेरे पिता और चाचा ने विरोध किया तो सभी मारपीट करने लगे। पिता पातीराम व भाई सत्यपाल, सोनू उर्फ सोनपाल व चाचा प्रेम सिंह, रघुनंदन व तहेरा भाई श्रीपाल को सभी अभियुक्तों ने फरसे व डंडों से पीटा। परिवार वाले लहूलुहान हो गए। हमलावरों ने पिता को मृत समझ कर छोड़ा था। पिता पातीराम ने शनिवार को सुबह वरुण हॉस्पिटल अलीगढ़ में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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साजिश के तहत मारपीट का आरोप लगाया
पुलिस को दी तहरीर में मृतक के बेटे ओमपाल का आरोप है कि घटना से एक दिन पूर्व गांव के ही सुल्तान के घर पर एक मीटिंग हुई थी। उस मीटिंग में सभी आरोपी मौजूद थे। जहां झगड़े की योजना तैयार की गई। आरोपियों ने हमारे खेत में होकर ट्रैक्टर न निकलने देने पर मारपीट की योजना तैयार की थी।
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वर्जन-
मृतक के परिजनों की ओर से तहरीर मिल गई है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- आलोक सिद्धू, सीओ गुन्नौर।
संभल के गुन्नौर कोतवाली गेट के बाहर एंबुलेंस को रोक कर जाम लगाते सिरौरा काजी के लोग। संवाद