संभल। मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत तमाम वीवीआईपी मूवमेंट की आसानी के लिए अब जिला मुख्यालय के साथ ही ब्लॉक-तहसीलों पर भी हैलीपैड बनवाए जाएंगे। शासन ने जिले में आठ नए हैलीपैड बनवाए जाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक हैलीपैड में करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल्द ही निर्माण कार्य कराए जाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कवायद शुरू की है।
दरअसल, शासन की तरफ से तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय स्तर पर एक-एक स्थायी हैलीपैड बनाने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि स्थायी हैलीपैड बनने के बाद वीवीआईपी के आने पर अस्थायी हैलीपैड के निर्माण की झंझट खत्म हो जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि हैलीपैड का यह नेटवर्क केवल वीवीआईपी आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा अभियानों और राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर सहायता उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा।
शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग ने जिले में आठ स्थानों पर हैलीपैड बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। इस भूमि का पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग के कर्मी आकलन कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील प्रकाश ने बताया कि मंगलवार को सिरसी में रेलवे क्राॅसिंग के निकट और असमोली में भूमि देखी गई है। विभाग के अनुसार, प्रत्येक हैलीपैड के लिए करीब 2500 वर्ग मीटर भूमि चाहिए। इन पर कंक्रीट का मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा।
एक्सईएन ने बताया कि प्रत्येक हैलीपैड पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। हालांकि, अभी चिह्नित भूमि का आकलन किया जा रहा है। यदि यह जमीन उपयुक्त रहीं तो प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
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मुख्यमंत्री स्वयं जनपदों का भ्रमण कर विकास कार्यों और व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं। ऐसे में वीवीआईपी मूवमेंट के समय ब्लॉक और तहसीलों में लगने वाले कार्यक्रमों के लिए अस्थायी हैलीपैड बनवाने पड़ते थे। अब शासन ने स्थायी हैलीपैड बनवाए जाने की व्यवस्था दी है। शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा चिह्नित भूमि का आंकलन कराया जा रहा है। -सुनील प्रकाश, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, संभल