बहजोई। कलक्ट्रेट परिसर में करीब दस लाख रुपये की लागत से बने शौचालय का अब बुरा हाल है। कलक्ट्रेट में अपनी शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों समेत विभिन्न विभागों में तैनात कर्मचारियों के लिए भी परेशानी रहती है। यह हाल तब है जबकि जिलाधिकारी समेत मुख्य विकास अधिकारी तथा दूसरे बड़े जिला स्तरीय अधिकारियों के दफ्तर कलक्ट्रेट परिसर में ही स्थित हैं।
कलक्ट्रेट के रेलवे स्टेशन रोड वाले द्वार के निकट करीब 2015 में जिलाधिकारी की ओर से क्रिटिकल गेप्स की धनराशि से दस लाख रुपये खर्च कर शौचालय का निर्माण कराया गया था। कुछ समय तक तो यह शौचालय सुचारु रूप से संचालित किया गया। इसके बाद अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते केयर टेकर के अभाव में शौचालय की व्यवस्था बदहाल हो गई। अब हाल यह है कि शौचालय भवन के सभी शौचालयों में गंदगी पसरी रहती है। टोंटियां खराब पड़ी हैं। पानी की भी दिक्कत है। कलक्ट्रेट प्रशासन व ग्राम्य विकास विभाग की ओर से खंड विकास अधिकारी दफ्तर पर शौचालय की देखभाल आदि की जिम्मेदारी का हवाला दिया जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार बीडीओ दफ्तर में भी समस्या के बारे में बताया गया लेकिन स्थिति जस की तस है।