संभल। जिला अस्पताल की ओपीडी में ड्यूटी देने में डॉक्टर कोताही बरत रहे हैं। आए दिन डॉक्टर ओपीडी से नदारद रहते हैं। सोमवार को अस्पताल में मरीज भारी संख्या में पहुंचे, लेकिन ओपीडी कक्ष खाली रहे। डॉक्टरों के न होने से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिना इलाज के ही मरीजों को घर लौटना पड़ा।
सोमवार सुबह आठ बजे से ही जिला अस्पताल में मरीज पहुंचना शुरू हो गए। ओपीडी में 542 मरीजों के पर्चे बने, लेकिन जब मरीज ओपीडी में पहुंचे तो कक्ष खाली थे। मरीजों को डॉक्टरों के लिए अस्पताल में भटकना पड़ा। कुछ समय ओपीडी में खड़े रहने के बाद मरीज डॉक्टरों का इंतजार देखते हुए ओपीडी कक्ष के बाहर नीचे फर्श पर बैठ गए, लेकिन काफी इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर नहीं आए तो मरीजों को बिना इलाज कराए ही घर लौटना पड़ा।
दरअसल, वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू तेजी से फैल रहा है। इसके बावजूद भी जिला अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ओपीडी में ड्यूटी देने से डॉक्टर कतरा रहे हैं। इस समय ओपीडी में सबसे ज्यादा बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। रूकनुद्दीन सराय निवासी अर्शी ने बताया कि बुखार है। सुबह 11 बजे से ओपीडी कक्ष के बाहर बैठे हुए डॉक्टर का इंतजार कर रही हैं, लेकिन डेढ़ बजे तक डॉक्टर नहीं आए हैं।
गांव जोगीपुरा निवासी फात्मा ने बताया कि शरीर में दर्द की परेशानी है। सुबह 9 बजे आईं थीं। इंतजार करते हुए थक गए। शहजादी सराय निवासी रामवती ने बताया कि जाड़ा बुखार की शिकायत है, लेकिन डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं मिले तो डॉक्टरों को देखने के लिए अस्पताल में इधर-उधर के चक्कर लगाकर थक गए। सुबह 11 बजे के आए हुए हैं और डेढ़ बज गया है। अब बिना इलाज के ही घर लौटने को मजबूर हैं।